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Banda News: बैंक मैनेजर ने किसान के खाते से निकाले पौने तीन लाख रुपये
Mon, 12 May 2025 01:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 12 May 2025 01:01 AM IST
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अतर्रा। वृद्ध किसान के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसके खाते से 2 लाख 78 रुपये रुपये का लोन निकाल लिया गया। पीड़ित ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक और बैंक मित्र पर सांठगांठ कर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कार्यवाही की मांग की है।
मामला फतेहगंज स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक का है, जहां बरछा डढि़या गांव निवासी रज्जू प्रसाद पांडेय वर्तमान में सतना में अस्थायी रूप से रह रहे हैं। उन्होंने बैंक महाप्रबंधक को भेजे प्रार्थनापत्र में बताया कि 24 फरवरी 2025 को उसके नाम की खतौनी में किसी अन्य व्यक्ति के नाम से केसीसी योजना के तहत लोन निकाल लिया गया। कहा कि जब मोबाइल पर लोन की सूचना मिली तो उन्होंने मामले की जांच शुरू की।
पीड़ित किसान का आरोप है कि तत्कालीन बैंक शाखा प्रबंधक और बैंक मित्र ने मिलकर उसके पिता के नाम की समानता का गलत फायदा उठाया। पत्रावली रजवा प्रसाद यादव के नाम तैयार की गई है, जबकि खतौनी पीड़ित रज्जू प्रसाद पांडेय की लगाकर लोन की राशि निकासी कर ली गई।
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बताया कि जब वह केवाईसी के लिए शाखा पहुंचे तो उन्हें जमीन बंधक होने की जानकारी हुई। शिकायत करने पर शाखा प्रबंधक ने कमी दूर कर सब ठीक करने का आश्वासन दिया, लेकिन तीन माह बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई।
पीड़ित किसान ने महाप्रबंधक को भेजे पत्र में चेतावनी दी कि एक सप्ताह के अंदर सभी आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर उसकी धनराशि वापस की जाए, नहीं तो वह आत्मदाह को मजबूर होंगे।
वहीं वर्तमान शाखा प्रबंधक ने इस संबंध में कहा कि मामला उनके पूर्व का है, और उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।
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मामला फतेहगंज स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक का है, जहां बरछा डढि़या गांव निवासी रज्जू प्रसाद पांडेय वर्तमान में सतना में अस्थायी रूप से रह रहे हैं। उन्होंने बैंक महाप्रबंधक को भेजे प्रार्थनापत्र में बताया कि 24 फरवरी 2025 को उसके नाम की खतौनी में किसी अन्य व्यक्ति के नाम से केसीसी योजना के तहत लोन निकाल लिया गया। कहा कि जब मोबाइल पर लोन की सूचना मिली तो उन्होंने मामले की जांच शुरू की।
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पीड़ित किसान का आरोप है कि तत्कालीन बैंक शाखा प्रबंधक और बैंक मित्र ने मिलकर उसके पिता के नाम की समानता का गलत फायदा उठाया। पत्रावली रजवा प्रसाद यादव के नाम तैयार की गई है, जबकि खतौनी पीड़ित रज्जू प्रसाद पांडेय की लगाकर लोन की राशि निकासी कर ली गई।
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बताया कि जब वह केवाईसी के लिए शाखा पहुंचे तो उन्हें जमीन बंधक होने की जानकारी हुई। शिकायत करने पर शाखा प्रबंधक ने कमी दूर कर सब ठीक करने का आश्वासन दिया, लेकिन तीन माह बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई।
पीड़ित किसान ने महाप्रबंधक को भेजे पत्र में चेतावनी दी कि एक सप्ताह के अंदर सभी आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर उसकी धनराशि वापस की जाए, नहीं तो वह आत्मदाह को मजबूर होंगे।
वहीं वर्तमान शाखा प्रबंधक ने इस संबंध में कहा कि मामला उनके पूर्व का है, और उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।