बांदा। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत नरैनी ब्लाक में सीआरपीईपी द्वारा चयनित समूह की महिलाओं को चूड़ी और कंगन बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। एनआरएलएम के डिप्टी कमिश्नर कृष्ण करुणाकर पांडेय ने कहा कि यह प्रशिक्षण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मददगार साबित होगा।
ट्रेनर आसिफ रजा ने महिलाओं को कंगन बनाने की विधि बताई। कांच व प्लास्टिक, ठंडे लॉक की चूड़ी, कंगन में मोती, सितारा जड़कर अपने कारोबार को बाजार में ला सकते हैं। गांव में रहकर कम पैसे में महिलाएं रोजगार कर सकती हैं। जिला मिशन प्रबंधक शालिनी जैन ने कहा कि इस रोजगार से महिलाएं आर्थिक स्थिति बदल सकती हैं। प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर मिर्जा बेग ने कहा कि एसवीएपी के अंतर्गत 30 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया। ट्रेनर शमा जाफरी ने चूड़ी बनाने का तरीका बताया। बीएमएम गनेश प्रसाद पांडेय, राकेश प्रजापति, अखिलेश, अनिरुद्ध कुमार, मंजू, अशोक राज आदि मौजूद रहे। (संवाद)