{"_id":"62e6d1fed649fb0ea84fbc37","slug":"banda-the-murder-or-suicide-of-the-soldier-the-mystery-remains-the-birthday-party-in-the-police-station-the-late-night-food-in-the-dhaba-the-father-accused-of-hanging-under-the-conspiracy-banda-news-knp7105338172","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Banda: सिपाही की हत्या या आत्महत्या...रहस्य बरकरार, पिता ने लगाया साजिश के तहत फंदे से लटकाने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda: सिपाही की हत्या या आत्महत्या...रहस्य बरकरार, पिता ने लगाया साजिश के तहत फंदे से लटकाने का आरोप
Mon, 01 Aug 2022 12:33 AM IST
कानपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 01 Aug 2022 12:33 AM IST
विज्ञापन
बांदा जिले में कमासिन थाने के कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह की हत्या और आत्महत्या का रहस्य दूसरे दिन भी बरकरार रहा। वहीं, प्रकरण में राघवेंद्र के पिता साजिश के तहत बेटे की हत्या किए जाने का लगातार आरोप लगा रहे हैं, जबकि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट की दलील देकर आत्महत्या बताने में लगी है। चर्चा है कि रात में थाना परिसर में जन्मदिन की पार्टी में झगड़ा हुआ, इसके बाद रात करीब 11 बजे कस्बे के एक ढाबे में पार्टी में शामिल सभी पुलिस कर्मियों ने खाना खाया।
शनिवार की सुबह कांस्टेबल राघवेंद्र का शव नॉयलान की रस्सी के फंदे से घर के बाहरी दीवार पर लटका मिला। रस्सी का एक सिरा छत के ऊपर पिलर की सरिया में बंधा था तो दूसरा सिरा कांस्टेबल के गले में। फंदे पर लटके शव की स्थिति देखकर लोगों में हत्या की चर्चा रही।
झांसी जिले के कुलगेहना गांव निवासी पिता गोकुल प्रसाद का आरोप है उनके बेटे के गले में रस्सी बांधकर हत्या की गई है। आत्महत्या का रूप दिया जा रहा है। यह भी सवाल किया कि पुत्र राघवेंद्र को आत्महत्या करनी होती तो वह कमरे में फंदा लगा लेता। पिता का कहना है कि बेटे को कोई समस्या नहीं थी। बर्थ-डे पार्टी में हुए विवाद के बाद उसे मौत के घाट उतारा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार की सुबह कांस्टेबल राघवेंद्र का शव नॉयलान की रस्सी के फंदे से घर के बाहरी दीवार पर लटका मिला। रस्सी का एक सिरा छत के ऊपर पिलर की सरिया में बंधा था तो दूसरा सिरा कांस्टेबल के गले में। फंदे पर लटके शव की स्थिति देखकर लोगों में हत्या की चर्चा रही।
विज्ञापन
झांसी जिले के कुलगेहना गांव निवासी पिता गोकुल प्रसाद का आरोप है उनके बेटे के गले में रस्सी बांधकर हत्या की गई है। आत्महत्या का रूप दिया जा रहा है। यह भी सवाल किया कि पुत्र राघवेंद्र को आत्महत्या करनी होती तो वह कमरे में फंदा लगा लेता। पिता का कहना है कि बेटे को कोई समस्या नहीं थी। बर्थ-डे पार्टी में हुए विवाद के बाद उसे मौत के घाट उतारा गया है।
विज्ञापन
उधर, इंस्पेक्टर उमेश कुमार सिंह ने बताया कि कांस्टेबल राघवेंद्र का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया। वीडियोग्राफी भी हुई। जिस्म पर चोट के निशान नहीं पाए गए। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग से मौत दर्शाया गया है। फिर भी जांच जारी है। मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।
घटना वाले दिन मां और बहन से की थी बात
‘नेहा व करिश्मा तुम अच्छे से रहना। घर के सभी लोगों का ठीक ढंग से ध्यान रखना। मुझे कमरा मिल गया है। अलग रहने लगा हूं’। घटना वाले दिन यानी शुक्रवार को शाम करीब चार बजे कांस्टेबल राघवेंद्र ने अपनी बहन नेहा से मोबाइल फोन पर यह बात कही थी। मां रानी देवी से भी बात की थी। उसकी अंतिम बार बातचीत को याद करके माता-पिता, बहनें और अन्य परिजन रोते रहे। पिता ने कहा कि राघवेंद्र बहुत सीधा था। आत्मघाती कदम नहीं उठा सकता।
कई किरायेदार रहते हैं
जिस घर में कांस्टेबल राघवेंद्र का शव फंदे पर लटका मिला वहां की गृह स्वामिनी सुमन सिंह ने भी घटना पर अफसोस जताया। कहा कि दो दिन पहले ही राघवेंद्र किराये पर रहने आए थे। रात को दरवाजा बंद करके सोने चले गए थे। यह भी बताया कि उनके अगल-बगल कांस्टेबल संदीप सहित तीन अन्य किरायेदार भी रहते हैं।
घटना वाले दिन मां और बहन से की थी बात
‘नेहा व करिश्मा तुम अच्छे से रहना। घर के सभी लोगों का ठीक ढंग से ध्यान रखना। मुझे कमरा मिल गया है। अलग रहने लगा हूं’। घटना वाले दिन यानी शुक्रवार को शाम करीब चार बजे कांस्टेबल राघवेंद्र ने अपनी बहन नेहा से मोबाइल फोन पर यह बात कही थी। मां रानी देवी से भी बात की थी। उसकी अंतिम बार बातचीत को याद करके माता-पिता, बहनें और अन्य परिजन रोते रहे। पिता ने कहा कि राघवेंद्र बहुत सीधा था। आत्मघाती कदम नहीं उठा सकता।
कई किरायेदार रहते हैं
जिस घर में कांस्टेबल राघवेंद्र का शव फंदे पर लटका मिला वहां की गृह स्वामिनी सुमन सिंह ने भी घटना पर अफसोस जताया। कहा कि दो दिन पहले ही राघवेंद्र किराये पर रहने आए थे। रात को दरवाजा बंद करके सोने चले गए थे। यह भी बताया कि उनके अगल-बगल कांस्टेबल संदीप सहित तीन अन्य किरायेदार भी रहते हैं।