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नियम दर किनार, दे दिए दो हजार बिजली के कनेक्शन
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फोटो 13 बीएनडीपी 08- कुशवाहा नगर में लकड़ी के पोलों से घरों में गई बिजली लाइन। संवाद
- फोटो : BANDA
बांदा। शहर के आसपास की नई कॉलोनियों में बिजली विभाग के अफसरों ने नियमों को दरकिनार कर करीब 2000 नए बिजली कनेक्शन दे दिए हैं। नियम हैं कि खंभे से 40 मीटर से अधिक दूरी होने पर इस्टीमेट बनाकर ही कनेक्शन दिया जाता है, लेकिन नई कॉलोनियों में 200 से 400 मीटर तक बिना खंभा लगाए बांस-बल्लियों पर केबल खींचकर घरों को कनेक्शन दे दिया गया है। तेज हवा चलते ही बांस-बल्ली केबल समेत जमीन पर गिर जाते हैं। इससे बड़े हादसे का डर रहता है।
हर माह आठ लाख से अधिक का बिजली बिल अदा करने के बाद भी नई बस्तियों और कॉलोनियों के लोग बांस और बल्लियों के सहारे लाइन खींचकर घर रोशन कर रहे हैं। इससे हादसे का अंदेशा रहता है। करीब एक दशक में शहर में 12 अधिक नई बस्तियां और कॉलोनियां आबाद हुईं। इनमें 2000 से अधिक मकानों में बिजली विभाग ने कनेक्शन तो दे दिया, लेकिन आज तक खंभे नहीं लगाए।
अलबत्ता लोग स्वयं के खर्चे से 200 से 400 मीटर दूर से बांस बल्लियों के सहारे बिजली की लाइन खींचकर घरों को रोशन कर रहे हैं। इन कॉलोनियों में दिए गए कनेक्शन के केबल नीचे तक लटके हैं।
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तेज हवा चलने पर कई बार बांस-बल्ली समेत केबल टूटकर नीचे गिर जाते हैं। इससे हादसों का खतरा बना रहता है। बारिश में करंट फैलने की आशंका भी रहती है। पिछले दिनों शुकुल कुंआ चिल्ला रोड स्थित गुलाब नगर में आंधी में केबल टूटकर गिरने से कई मकानों में करंट फैल गया था। तब लोग बालबाल बचे थे।
शहर की नई बस्यिां व कॉलोनियां
गुलाब नगर चिल्ला रोड, कुशवाहा नगर जरैली कोठी, पटेल कालोनी शास्त्री नगर, कपटिया डेरा गायत्री नगर, पहाड़ तरे क्योटरा, सुभाष कालोनी अलीगंज, ब्रह्म नगर राजघाट रोड खुटला, नवीन कालोनी आईटीआई रोड, प्रजापति कालोनी प्रागीतालाब की नई कॉलोनी है। इनमें केबल बांस बल्लियों के सहारे हैं।
शुकुल कुंआ गुलाब नगर के सत्यम निगम का कहना है कि मोहल्ले में बिजली के 100 से अधिक कनेक्शन हैं। बिजली के खंभे न होने से लोग लकड़ी बांस और लट्ठों के सहारें 200 मीटर दूर से लाइन खींचकर घर ले गए हैं। खंभे लगाने के लिए डीएम सहित बिजली विभाग के अधिकारियों से मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
प्रजापति कॉलोनी प्रागीतालाब के शिव कुमार का कहना है कि बिजली के खंभे न होने से कांशीराम कालोनी के पास से बांस बल्लियों के सहारे लाइन खींच कर घर लाए है। अक्सर हवा के झोके में लाइन टूटकर गिर जाती है। पिछले साल मवेशी की मौत करंट से हो गई थी। बिजली विभाग से कई बार मांग की, लेकिन खंभे नहीं लगाए गए।
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता जेपीएन सिंह का कहना है कि शहर की नई बस्तियों व कालोनियों में बिजली के पोल लगाने के लिए इस्टीमेट भेजा है, लेकिन नगर पालिका पैसा नहीं दे रही है। इस कारण पोल नहीं लग पा रहे हैं। उधर, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी बुद्धप्रकाश का कहना है कि बिजली विभाग ने कोई इस्टीमेट नहीं भेजा है। इस्टीमेट आता तो पैसा दिया जाता।
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हर माह आठ लाख से अधिक का बिजली बिल अदा करने के बाद भी नई बस्तियों और कॉलोनियों के लोग बांस और बल्लियों के सहारे लाइन खींचकर घर रोशन कर रहे हैं। इससे हादसे का अंदेशा रहता है। करीब एक दशक में शहर में 12 अधिक नई बस्तियां और कॉलोनियां आबाद हुईं। इनमें 2000 से अधिक मकानों में बिजली विभाग ने कनेक्शन तो दे दिया, लेकिन आज तक खंभे नहीं लगाए।
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अलबत्ता लोग स्वयं के खर्चे से 200 से 400 मीटर दूर से बांस बल्लियों के सहारे बिजली की लाइन खींचकर घरों को रोशन कर रहे हैं। इन कॉलोनियों में दिए गए कनेक्शन के केबल नीचे तक लटके हैं।
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तेज हवा चलने पर कई बार बांस-बल्ली समेत केबल टूटकर नीचे गिर जाते हैं। इससे हादसों का खतरा बना रहता है। बारिश में करंट फैलने की आशंका भी रहती है। पिछले दिनों शुकुल कुंआ चिल्ला रोड स्थित गुलाब नगर में आंधी में केबल टूटकर गिरने से कई मकानों में करंट फैल गया था। तब लोग बालबाल बचे थे।
शहर की नई बस्यिां व कॉलोनियां
गुलाब नगर चिल्ला रोड, कुशवाहा नगर जरैली कोठी, पटेल कालोनी शास्त्री नगर, कपटिया डेरा गायत्री नगर, पहाड़ तरे क्योटरा, सुभाष कालोनी अलीगंज, ब्रह्म नगर राजघाट रोड खुटला, नवीन कालोनी आईटीआई रोड, प्रजापति कालोनी प्रागीतालाब की नई कॉलोनी है। इनमें केबल बांस बल्लियों के सहारे हैं।
शुकुल कुंआ गुलाब नगर के सत्यम निगम का कहना है कि मोहल्ले में बिजली के 100 से अधिक कनेक्शन हैं। बिजली के खंभे न होने से लोग लकड़ी बांस और लट्ठों के सहारें 200 मीटर दूर से लाइन खींचकर घर ले गए हैं। खंभे लगाने के लिए डीएम सहित बिजली विभाग के अधिकारियों से मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
प्रजापति कॉलोनी प्रागीतालाब के शिव कुमार का कहना है कि बिजली के खंभे न होने से कांशीराम कालोनी के पास से बांस बल्लियों के सहारे लाइन खींच कर घर लाए है। अक्सर हवा के झोके में लाइन टूटकर गिर जाती है। पिछले साल मवेशी की मौत करंट से हो गई थी। बिजली विभाग से कई बार मांग की, लेकिन खंभे नहीं लगाए गए।
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता जेपीएन सिंह का कहना है कि शहर की नई बस्तियों व कालोनियों में बिजली के पोल लगाने के लिए इस्टीमेट भेजा है, लेकिन नगर पालिका पैसा नहीं दे रही है। इस कारण पोल नहीं लग पा रहे हैं। उधर, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी बुद्धप्रकाश का कहना है कि बिजली विभाग ने कोई इस्टीमेट नहीं भेजा है। इस्टीमेट आता तो पैसा दिया जाता।

फोटो 13 बीएनडीपी 07- प्रजापति कालोनी में लकड़ी के पोल के सहारे घरों में गई लाइन। संवाद- फोटो : BANDA