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बांदा: पूर्व प्रधान और पति की बेरहमी से हत्या, बेटे पर मौत के घाट उतारने का आरोप

Sat, 16 Oct 2021 04:26 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sat, 16 Oct 2021 04:26 PM IST
सार

कोतवाली देहात इंस्पेक्टर राजीव यादव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हाथ से गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई है। प्राथमिक तौर पर हत्या की वजह रिटायर्ड सीडीपीओ की पेंशन बताई जा रही है।

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Banda: Pension became reason for murder of  elderly couple
बांदा: पति पत्नी की गला घोंटकर हत्या - फोटो : amar ujala

विस्तार

पेंशन की आधी रकम नहीं देने पर छोटे बेटे ने बीमार वृद्ध माता गांव की पूर्व प्रधान और पिता सेवानिवृत्त सीडीपीओ की गला घोंटकर हत्या कर दी। दूसरे बेटे ने अपने भाई के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। कोतवाली देहात क्षेत्र के करहिया गांव में शुक्रवार को सुबह रिटायर्ड सीडीपीओ मइयादीन वर्मा (80) और उनकी पत्नी गांव की पूर्व प्रधान रामकली (73) का अलग-अलग चारपाई पर शव मिला।
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पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य इकट्ठा किए। पुलिस ने परिजनों के बयानों तथा फिंगर प्रिंट के आधार पर मृतकों के छोटे बेटे जितेंद्र सिंह पर हत्या की आशंका जताते हुए कार्रवाई शुरू कर दी। फिलहाल वह फरार है।
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एसपी अभिनंदन और अपर पुलिस अधीक्षक एएन मिश्र ने घटनास्थल का निरीक्षण कर परिजनों के बयान दर्ज किए। मइयादीन के चौथे नंबर के बेटे योगेंद्र सिंह वर्मा की तहरीर पर पुलिस ने छोटे बेटे जितेंद्र सिंह के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
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कोतवाली देहात इंस्पेक्टर राजीव यादव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हाथ से गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई है। प्राथमिक तौर पर हत्या की वजह रिटायर्ड सीडीपीओ की पेंशन बताई जा रही है। सबसे छोटा बेटा जितेंद्र पिता से आधी पेंशन की मांग कर रहा था, लेकिन पिता सेवा करने वाले चौथे नंबर के बेटे योगेंद्र को पेंशन देते थे।

इसी बात से जितेंद्र नाराज था। हत्यारोपी शराब का लती है। घटना वाले दिन उसने माता-पिता से पहले झगड़ा किया था। उनके सोने के बाद देर रात दोनों की हत्या कर दी। मइयादीन वर्ष 2003 में कर्वी से सीडीपीओ पद से रिटायर हुए थे। हर माह करीब 30 हजार रुपये पेंशन मिल रही थी। 

60 हजार में गिरवी जमीन के लिए मांगता था रुपये
हत्यारोपी जितेंद्र के पुत्र अश्वनी ने बताया कि पिता की हरकतों से परेशान होकर मां नीतू तीन साल पूर्व मायके मूंगुस गांव चली गई थी। वह (अश्वनी) जयपुर में जॉब करता है। पिता जितेंद्र दादा मइयादीन और दादी रामकली के घर में ही अलग रहता था। जुआं और शराब का लती होने के चलते उसने कुछ दिन पहले अपनी एक बीघा जमीन 60 हजार रुपये में गिरवी रख दी थी। यही पैसा अदा करने के लिए दादा पर पिता रुपये देने का दबाव बना रहा था। 

एक ही चिता में किया अंतिम संस्कार
वृद्ध दंपती की एक साथ मौत के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार भी एक ही चिता में किया। इस दौरान आसपास के इलाके में मातमी माहौल रहा। दंपती की मौत से गमगीन परिजनों समेत करीब 10 घरों में चूल्हे नहीं जले। पड़ोसियों ने परिजनों, रिश्तेदारों और बच्चों के खाने-पीने का इंतजाम किया।

हत्यारोपी रहता था साथ, चार पुत्र हैं अलग
रिटायर्ड सीडीपीओ मइयादीन और पूर्व प्रधान रामकली के पांच पुत्र हैं। सबसे बड़े महेंद्र हैं, जो पिछले वर्ष अमीन पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। सपरिवार गांव में ही अलग रहते हैं। दूसरे नंबर का पुत्र सुशील अविवाहित है और फरीदाबाद में प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। पिता के बीमार होने पर गांव लौट आया था। तब से गांव में रहकर खेतीबाड़ी कर रहा है। तीसरे नंबर का पुत्र धर्मेंद्र सिंह है, जो परिवार सहित अलग रह रहा है और खेतीबाड़ी करता है। चौथे नंबर का पुत्र योगेंद्र भी परिवार सहित अलग रहता है, लेकिन रोजाना पुश्तैनी घर आकर बीमार माता-पिता की सेवा करता था। सबसे छोटा जितेंद्र सिंह है, जो माता-पिता के घर में ही अलग कमरे में रहता है।
 

हत्यारोपी की पत्नी को देख फेर लिया मुंह
सास-ससुर की पति द्वारा हत्या की खबर सुनकर जितेंद्र की पत्नी नीतू अपने पुत्र अश्वनी के साथ गांव पहुंची। हालांकि घटना से गुस्साए परिजनों ने उन्हें देखकर मुंह फेर लिया। देर तक कोई बातचीत नहीं की। अलग-थलग रहे। बाद में बुजुर्गों के समझाने पर परिजनों ने उन्हें अपनाया। 

पांच साल पहले बांट दी थी पुत्रों में जमीन
सेवानिवृत्त सीडीपीओ मइयादीन ने पांच साल पहले पांचों पुत्रों के बीच बंटवारा कर दिया था। अपनी 25 बीघा जमीन पांचों पुत्रों को 5-5 बीघा बांट दी थी। पेंशन से वे गुजर-बसर कर रहे थे। मइयादीन का कहना था जो बेेटा उनकी सेवा करेगा, पेंशन का आधा पैसा उसे देंगे। योगेंद्र ने माता-पिता की सेवा शुरू कर दी। मइयादीन ने उसका खर्च उठाना शुरू कर दिया। जितेंद्र को यही बात नागवार गुजर रही थी। वह आधी पेंशन मांग रहा था।
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