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बांदा : मेडिकल कॉलेज में मरीजों पर संक्रमण का खतरा, गंदे फर्श पर बैठकर अपनी बारी का करते इंतजार

Thu, 25 Aug 2022 05:09 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 25 Aug 2022 05:09 PM IST
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Banda: Patients at risk of infection in medical college, waiting for their turn by sitting on dirty floor
बांदा। बारिश के मौसम में रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में मरीजों के साथ अव्यवस्थाओं की भरमार है। यहां मरीजों और तीमारदारों के लिए ओपीडी में बैठने का इंतजाम नहीं है। इस कारण उन्हें फर्श पर बैठकर डॉक्टर को दिखाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में संक्रमण का खतरा मंडराता रहता है।
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गुरुवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 1050 से ज्यादा मरीज इलाज कराने पहुंचे। मेडिसिन, सर्जरी, ईएनटी, स्त्री रोग, मानसिक रोग, आर्थोपेडिक्स, नेत्र रोग आदि विभागों में मरीजों की भीड़ रही। मौसम का मिजाज बदलने से इन दिनों वायरल मरीजों में वृद्धि हुई है। मेडिसिन विभाग में वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एसके यादव, डॉ. आशीष, डॉ. वीके पटेल और ईएनटी में डॉ. भूपेंद्र सिंह व मानसिक रोग में डॉ. शैलेंद्र मिश्र व डॉ. हिमांशु सिंह ने मरीजों की जांच की।
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गौरतलब है कि दो दिन पूर्व ओपीडी से सीनियर डॉक्टरों के नदारद रहने की खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी। इसी के बाद सीनियर डॉक्टर अपने कक्षों में नजर आने लगे हैं।
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सीनियर डॉक्टरों के बैठे होने से मरीज भी देर तक लाइन में लगे रहे। फिर कुछ अव्यवस्थाएं रहीं। मेडिसिन विभाग में तीन-तीन सीट की छह बेंच पड़ीं हैं। ज्यादातर मरीज और उनके परिजन गंदे फर्श में लेटे और बैठे रहे।
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बाहर की लिखी जा रहीं दवाएं
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर भी शायद कमीशन के ‘खेल’ में उलझ गए हैं। ज्यादातर मरीजों को जांच और दवाएं बाहर की लिखी जा रही हैं। बुखार, जुकाम, खांसी, दर्द, उल्टी-दस्त की दवाओं सहित एंटीबायोटिक दवाएं मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध हैं। इसके बावजूद डॉक्टर मरीजों को बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। मरीजों के मुताबिक उनकी दलील है कि अच्छी दवाओं का असर जल्दी और अच्छा होता है।

वर्जन
मरीजों और उनके साथ आए अन्य लोगों की चहलकदमी से परिसर में गंदगी फैल रही है। इससे संक्रमण के खतरे को रोका नहीं जा सकता। जल्द बेंच की संख्या बढ़ाएंगे। इसके साथ ही बाहर की दवा लिखने वाले डॉक्टरों की शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी। फिलहाल किसी मरीज या तीमारदार ने अभी तक कोई शिकायत नहीं की है। - डॉ. मुकेश कुमार यादव, प्राचार्य, रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा।
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