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मोदी सरकार के बजट में युवाओं को चाहिए रोजगार
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बांदा। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले आम बजट पर युवाओं की भी नजरें टिकी हैं। वो कहते हैं कि शायद अबकी मोदी सरकार उन पर मेहरबान हो जाए। बजट को लेकर युवा वर्ग की सबसे बड़ी उम्मीद रोजगार के अवसर बढ़ाए जाने की है। सरकारी नौकरी हासिल करने में लगातार नाकाम हो रहा युवा वर्ग बेरोजगारी से काफी परेशान नजर आ रहा है। सरकारी और निजी क्षेत्र में संतोषजनक संख्या में भर्तियां और रोजगार के रास्ते खोलने वाला बजट चाहता है।
स्नातक छात्रा पल्लवी गिरि ने बताया कि हम अपने परिवार की गाढ़ी कमाई से उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं। अब ऐसे में योग्यता के मुताबिक नौकरी न मिले तो इस पढ़ाई का क्या मतलब। इस वर्ष आम बजट में हम यही आशा करते हैं कि केंद्र सरकार शिक्षित युवाओं को रोजगार के लिए पर्याप्त अवसर मुहैया कराएगी।
स्नातक छात्रा शेफाली सिंह का कहना है कि तकनीकी हो या उच्च शिक्षा। शुल्क मनमाना है। ऐसे में तमाम मेधावी आर्थिक तंगी के चलते पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते। आम बजट में कोई ऐसा प्रावधान शामिल किया जाना चाहिए कि पढ़ाई के इच्छुक और मेधावी विद्यार्थियों की पढ़ाई का खर्च सरकार उठाए। साथ ही बजट रोजगार परक हो।
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परास्नातक/एलएलबी शोभित निगम ने कहा कि मोदी सरकार ने चुनाव पूर्व बेरोजगारों को बड़ी संख्या में रोजगार देने का वादा किया था। इसी भरोसे युवाओं ने उन्हें वोट दिया। अब आम बजट में सरकार को यह वादा पूरा करना चाहिए। पर्याप्त संख्या में सरकारी व निजी क्षेत्र में पदों का प्राविधान कर नई नौकरियां का सृजन किया जाए।
तिंदवारी के संदीप कुमार सोनी ने बताया कि आम बजट में बढ़ती बेरोजगारी पर सरकार को पूरा ध्यान देना चाहिए। देश में युवाओं की बड़ी संख्या है। उनके रोजगार के लिए खास व्यवस्था होनी चाहिए। रोजगार परक योजनाओं के लिए भरपूर बजट/पैसे की व्यवस्था होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और हतोत्साहित व निराश होकर युवाओं की आत्महत्याओं में रोक लगेगी।
बबेरू के सुमित अग्रहरि ने बताया कि लोकसभा में पेश होने वाले मोदी सरकार के वार्षिक आम बजट में सरकार कुछ ऐसा शामिल करे कि हर सेक्टर में नौकरी के अवसर बढ़ें। खासतौर पर केंद्र सरकार को बुंदेलखंड के पिछड़ेपन पर विशेष ध्यान देकर यहां की बेरोजगारी खत्म करने के लिए बड़ा प्रोजेक्ट और बजट प्राविधानित करना चाहिए।
अतर्रा के अभय मिश्रा ने बताया कि बड़ी संख्या में देश में पद रिक्त पड़े हैं। उन पर भर्ती नहीं हो रही। इसके पीछे अधिकांशत: बजट की कमी बताई जाती है। केंद्र सरकार को चाहिए कि आम बजट में रिक्त पड़े पदों वाले विभागों को भरपूर बजट देकर रोजगार के अवसर बढ़ाना चाहिए। ताकि युवाओं के लिए अभिशाप बनी बेरोजगारी का खात्मा हो।
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स्नातक छात्रा पल्लवी गिरि ने बताया कि हम अपने परिवार की गाढ़ी कमाई से उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं। अब ऐसे में योग्यता के मुताबिक नौकरी न मिले तो इस पढ़ाई का क्या मतलब। इस वर्ष आम बजट में हम यही आशा करते हैं कि केंद्र सरकार शिक्षित युवाओं को रोजगार के लिए पर्याप्त अवसर मुहैया कराएगी।
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स्नातक छात्रा शेफाली सिंह का कहना है कि तकनीकी हो या उच्च शिक्षा। शुल्क मनमाना है। ऐसे में तमाम मेधावी आर्थिक तंगी के चलते पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते। आम बजट में कोई ऐसा प्रावधान शामिल किया जाना चाहिए कि पढ़ाई के इच्छुक और मेधावी विद्यार्थियों की पढ़ाई का खर्च सरकार उठाए। साथ ही बजट रोजगार परक हो।
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परास्नातक/एलएलबी शोभित निगम ने कहा कि मोदी सरकार ने चुनाव पूर्व बेरोजगारों को बड़ी संख्या में रोजगार देने का वादा किया था। इसी भरोसे युवाओं ने उन्हें वोट दिया। अब आम बजट में सरकार को यह वादा पूरा करना चाहिए। पर्याप्त संख्या में सरकारी व निजी क्षेत्र में पदों का प्राविधान कर नई नौकरियां का सृजन किया जाए।
तिंदवारी के संदीप कुमार सोनी ने बताया कि आम बजट में बढ़ती बेरोजगारी पर सरकार को पूरा ध्यान देना चाहिए। देश में युवाओं की बड़ी संख्या है। उनके रोजगार के लिए खास व्यवस्था होनी चाहिए। रोजगार परक योजनाओं के लिए भरपूर बजट/पैसे की व्यवस्था होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और हतोत्साहित व निराश होकर युवाओं की आत्महत्याओं में रोक लगेगी।
बबेरू के सुमित अग्रहरि ने बताया कि लोकसभा में पेश होने वाले मोदी सरकार के वार्षिक आम बजट में सरकार कुछ ऐसा शामिल करे कि हर सेक्टर में नौकरी के अवसर बढ़ें। खासतौर पर केंद्र सरकार को बुंदेलखंड के पिछड़ेपन पर विशेष ध्यान देकर यहां की बेरोजगारी खत्म करने के लिए बड़ा प्रोजेक्ट और बजट प्राविधानित करना चाहिए।
अतर्रा के अभय मिश्रा ने बताया कि बड़ी संख्या में देश में पद रिक्त पड़े हैं। उन पर भर्ती नहीं हो रही। इसके पीछे अधिकांशत: बजट की कमी बताई जाती है। केंद्र सरकार को चाहिए कि आम बजट में रिक्त पड़े पदों वाले विभागों को भरपूर बजट देकर रोजगार के अवसर बढ़ाना चाहिए। ताकि युवाओं के लिए अभिशाप बनी बेरोजगारी का खात्मा हो।