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Banda: पाकिस्तान की जेल में बंद मछुवारों का आया पत्र, मांगी रिहाई, कहा- यहां मिल रहीं तमाम यातनाएं
Fri, 12 Dec 2025 11:41 PM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला नेटवर्क, तिंदवारी (बांदा)
अमर उजाला नेटवर्क, तिंदवारी (बांदा)
Published by: आकाश दुबे
Updated Fri, 12 Dec 2025 11:41 PM IST
सार
बीते दिनों आए पत्र में भी जितेंद्र ने अपनी बीमारी का हवाला देते हुए छुड़ाने की मांग की थी। इसके बाद सपा व बसपा प्रतिनिधि मंडल ने पीड़ित परिवारों से भेंटकर मदद का आश्वासन दिया था।
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दर्द बयां करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पाकिस्तान की जेल में बंद मछुवारों के परिजनों को सोशल मीडिया पर संदेश मिला है। इसमें वह परिजनों से मदद की गुहार लगा रहे है। कहा कि पाक जेल में उन्हें तमाम यातनाएं मिल रहीं है। जल्द ही उन्हें छुड़ाया नहीं गया तो वह जिंदा नहीं बचेंगे।
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जसईपुर गांव निवासी जितेंद्र बीते तीन वर्षों से पाकिस्तान की जेल में बंद है। वह जुलाई 2022 को पोरबंदर बंदरगाह में मछली पकड़ने गया था। इसी दौरान वह पाकिस्तान की सीमा में चला गया और वहां की सेना ने उसे गिरफ्तार कर जेल में बंद कर दिया। जितेंद्र ने परिजनों को इसके बाद वहां से आए कई संदेश मिले। जितेंद्र की मांग रानी ने बताया कि ताजा संदेश 11 दिसंबर को आया है। बताया कि जितेंद्र के साथ पाक जेल में बंद दरदा गांव के सर्वेश के भाई उमाशंकर के पास पाकिस्तान से संदेश आया है। इसमें उन्होंने बताया कि वह जेल में बुरी तरह की यातनाओं को झेल रहे हैं। परिजनों ने बताया कि उन्होंने कई बार शासन-प्रशासन से बच्चों की रिहाई के लिए मांग की। लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जा रही।
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बीते दिनों आए पत्र में भी जितेंद्र ने अपनी बीमारी का हवाला देते हुए छुड़ाने की मांग की थी। इसके बाद सपा व बसपा प्रतिनिधि मंडल ने पीड़ित परिवारों से भेंटकर मदद का आश्वासन दिया था। वहीं दूसरी ओर अनहोनी की आशंका से युवकों के परिजन बिलख रहे है। कहते है कि सरकार और अधिकारियों से गुहार लगाकर थक गए हैं, अभी तक रिहाई की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
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