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बांदा : गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आना...
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केन नदी में गणेश प्रतिमा का विसर्जन करते श्रद्धालु।
- फोटो : BANDA
बांदा। 10 दिनों तक मनाए गए गणेश महोत्सव की धूम शुक्रवार को विसर्जन जुलूस के साथ खत्म हो गई। शहर और आसपास गांवों से लगभग आधा सैकड़ा प्रतिमाएं केन नदी घाट में नम आंखों के बीच विसर्जित की गईं।
विसर्जन जुलूस में अबीर-गुलाल से सराबोर युवक-युवतियां डीजे की धुन पर थिरकते रहे। गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ आदि उद्घोष गूंजते रहे।
गणेश प्रतिमा की स्थापना मान्यता के अनुसार एक दिन से लेकर तीन दिन, पांच दिन, सात दिन और नौ दिन तक की जाती है। 10वें दिन यानी अनंत चतुर्दशी के मौके पर प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। शुक्रवार को अलग-अलग जत्थों में निकली गणेश प्रतिमाओं का धूमधाम से विसर्जन जुलूस निकाला गया।
इसमें शामिल युवक-युवतियां फिल्मी गीतों व भजनों पर जमकर थिरकते रहे। जोश और उत्साह के बीच कुछ युवा हाथ में तलवार लेकर हवा में लहराते रहे। जमकर अबीर-गुलाल उड़ाते रहे। केन नदी पहुंचकर घाट में प्रतिमाओं का नम आंखों के बीच विसर्जन किया।
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इस दौरान गणेश के जयकारे गूंजते रहे। देर रात तक प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला चलता रहा। कुछ समाजसेवियों ने विसर्जन जुलूस में जलपान और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की थी।
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विसर्जन जुलूस में अबीर-गुलाल से सराबोर युवक-युवतियां डीजे की धुन पर थिरकते रहे। गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ आदि उद्घोष गूंजते रहे।
गणेश प्रतिमा की स्थापना मान्यता के अनुसार एक दिन से लेकर तीन दिन, पांच दिन, सात दिन और नौ दिन तक की जाती है। 10वें दिन यानी अनंत चतुर्दशी के मौके पर प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। शुक्रवार को अलग-अलग जत्थों में निकली गणेश प्रतिमाओं का धूमधाम से विसर्जन जुलूस निकाला गया।
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इसमें शामिल युवक-युवतियां फिल्मी गीतों व भजनों पर जमकर थिरकते रहे। जोश और उत्साह के बीच कुछ युवा हाथ में तलवार लेकर हवा में लहराते रहे। जमकर अबीर-गुलाल उड़ाते रहे। केन नदी पहुंचकर घाट में प्रतिमाओं का नम आंखों के बीच विसर्जन किया।
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इस दौरान गणेश के जयकारे गूंजते रहे। देर रात तक प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला चलता रहा। कुछ समाजसेवियों ने विसर्जन जुलूस में जलपान और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की थी।