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बांदा : डीएपी की किल्लत से किसान परेशान, पिछड़ रही बुआई

Mon, 07 Nov 2022 11:45 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 07 Nov 2022 11:45 PM IST
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Banda: Farmers upset due to shortage of DAP, sowing is lagging behind
डीसीडीएफ में खाद के लिए खड़े किसान। - फोटो : BANDA
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में डीएपी और यूरिया की किल्लत है। किसान तड़के से खाद के लिए समितियों पर लाइन लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल रही है।
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खाद किल्लत की वजह रबी फसल की बुआई के लिए तय रकबे के अनुसार डीएपी और यूरिया कम होना है। विभागीय अफसर मंडल में लक्ष्य से 45 फीसदी डीएपी और 65 फीसदी यूरिया कम मिलना बता रहे हैं। किसानों का कहना है कि डीएपी मिलने में हो रही देरी से खेतों की नमी सूख जाएगी। इससे वह फसलों की बुआई नहीं कर सकेंगे।
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चित्रकूटधाम मंडल में इस वर्ष 9,33,000 हेक्टेयर से अधिक रकबे में रबी की बुआई की जानी है, लेकिन किसानों खाद नहीं मिल पा रही है। इस बार रबी के सीजन के लिए मंडल में डीएपी का लक्ष्य 60600 मीट्रिक टन निर्धारित है, लेकिन विभाग के पास महज 35882 मीट्रिक टन उपलब्ध है। इसी प्रकार यूरिया का लक्ष्य 91800 मीट्रिक टन निर्धारित है, लेकिन विभाग के पास महज 31087 मीट्रिक टन खाद है। इसमें 6074 मीट्रिक टन यूरिया व 24878 मीट्रिक टन डीएपी के वितरण का दावा किया जा रहा है।
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सरकारी आंकड़ों को मान भी लें तो मंडल में डीएपी लक्ष्य के सापेक्ष 45 और यूरिया 65 फीसदी कम है। ऐसे में सहकारी समितियों में खाद का संकट होना लाजमी है। जबकि विभाग खाद की कोई कमी नहीं है रट लगाए हुए है।

बफर गोदाम व राजकीय बिक्री केंद्रों पर फिलहाल डीएपी व यूरिया उपलब्ध है। सहकारी समितियों में मांग के अनुरूप खाद भेजी जा रही है। इधर, डिमांड की गई है। एक सप्ताह में दो रैक यूरिया और डीएपी आ जाएगी।-विजय कुमार, उप निदेशक, कृषि।
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