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डायरिया के आठ मरीज सीएचसी में भर्ती
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अतर्रा। पिछले कुछ दिन से हुई बारिश से गली मुहल्लों में निकासी नहीं होने से जलभराव है। इससे बीमारियां फैलने लगी हैं। मोहल्ले के कई लोग उल्टी-दस्त से ग्रसित हैं। हालत बिगड़ने पर उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां से सात लोगों की हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
कस्बे के सुलक थोक निवासी देव कुमार (25) वर्ष, किराए से रह रहे पवई गांव के कमल (26) वर्ष, नगला पुरवा निवासी ओमप्रकाश (22) वर्ष, बिसंडा रोड के सेमरिया निवासी चंद्रेश (24) वर्ष, भानु (22) वर्ष, नरैनी रोड सिविल लाइन निवासी मोतीलाल (40) वर्ष, राजरानी (45), मोहनिया (32) आदि सहित करीब 20 लोग डायरिया की चपेट में आने से बेहाल हैं। इन्हें उल्टी और दस्त आ रहे हैं।
सभी को सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
सीएचसी में भर्ती कमल, पवन, अरविंद सहित अन्य 4 की हालत सुधार न होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सीएचसी प्रभारी अजय विश्वकर्मा ने बताया कि दूषित पानी व गंदगी के कारण यह लोग डायरिया की चपेट में आए हैं।
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सीएचसी में बुधवार को ओपीडी में 427 मरीज आए, जिनमें से करीब 50 मरीज उल्टी दस्त से ग्रसित थे। मरीजों के परिजनों ने बताया कस्बे के प्रमुख मार्गों सहित विभिन्न गली मुहल्लों में जलभराव व गंदगी से पीने का पानी दूषित होने से हालत बिगड़ने की आशंका है।
कहा कि पालिका प्रशासन द्वारा मुहल्लों पर 48 घंटे बीत जाने के बाद जलभराव की समस्या को दूर नहीं कराया और ना ही फागिंग व ब्लीचिंग करवाई। इसका खामियाजा मोहल्लों के बाशिंदों को भुगतना पड़ रहा है।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विवेक बिंदु तिवारी, अर्जुन मिश्रा ने कहा दूरदराज से पढ़ाई को लेकर छात्र कस्बे में पड़े हुए है, लेकिन जगह जगह गंदगी होने से डायरिया सहित गंभीर बीमारियां कस्बे में फैल रही हैं। लोगों ने प्रशासक/ उप जिलाधिकारी विकास यादव से गली मोहल्लों में भरे पानी को निकलवाने की मांग की है।
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कस्बे के सुलक थोक निवासी देव कुमार (25) वर्ष, किराए से रह रहे पवई गांव के कमल (26) वर्ष, नगला पुरवा निवासी ओमप्रकाश (22) वर्ष, बिसंडा रोड के सेमरिया निवासी चंद्रेश (24) वर्ष, भानु (22) वर्ष, नरैनी रोड सिविल लाइन निवासी मोतीलाल (40) वर्ष, राजरानी (45), मोहनिया (32) आदि सहित करीब 20 लोग डायरिया की चपेट में आने से बेहाल हैं। इन्हें उल्टी और दस्त आ रहे हैं।
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सभी को सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
सीएचसी में भर्ती कमल, पवन, अरविंद सहित अन्य 4 की हालत सुधार न होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सीएचसी प्रभारी अजय विश्वकर्मा ने बताया कि दूषित पानी व गंदगी के कारण यह लोग डायरिया की चपेट में आए हैं।
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सीएचसी में बुधवार को ओपीडी में 427 मरीज आए, जिनमें से करीब 50 मरीज उल्टी दस्त से ग्रसित थे। मरीजों के परिजनों ने बताया कस्बे के प्रमुख मार्गों सहित विभिन्न गली मुहल्लों में जलभराव व गंदगी से पीने का पानी दूषित होने से हालत बिगड़ने की आशंका है।
कहा कि पालिका प्रशासन द्वारा मुहल्लों पर 48 घंटे बीत जाने के बाद जलभराव की समस्या को दूर नहीं कराया और ना ही फागिंग व ब्लीचिंग करवाई। इसका खामियाजा मोहल्लों के बाशिंदों को भुगतना पड़ रहा है।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विवेक बिंदु तिवारी, अर्जुन मिश्रा ने कहा दूरदराज से पढ़ाई को लेकर छात्र कस्बे में पड़े हुए है, लेकिन जगह जगह गंदगी होने से डायरिया सहित गंभीर बीमारियां कस्बे में फैल रही हैं। लोगों ने प्रशासक/ उप जिलाधिकारी विकास यादव से गली मोहल्लों में भरे पानी को निकलवाने की मांग की है।