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बांदा : दिव्यांग महिला चिकित्साधिकारी को आवास में किया कैद, सीएचसी अधीक्षक के आवास में रह रही हैं चिकित्साधिकारी, अवैध कब्जे पर कई चिकित्सा कर्मियों का वेतन रोका

Fri, 29 Jul 2022 12:15 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 29 Jul 2022 12:15 AM IST
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Banda: Disabled female medical officer imprisoned in residence, medical officer living in CHC superintendent's residence, stopped salary of many medical workers on illegal occupation
नरैनी। पूर्व चिकित्साधीक्षक के आवास में रहने आईं दिव्यांग महिला चिकित्साधिकारी को सीएचसी अधीक्षक ने ताला डालकर कैद कर दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी इसकी जानकारी भेजी गई।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात आयुष विभाग की महिला चिकित्साधिकारी डॉ. स्नेहलता बीते एक दशक से यहां सीएचसी में संविदा पर काम करती हैं। गुरुवार को सुबह साढ़े 10 बजे वह अस्पताल से कमरे में आई थीं। तभी चिकित्साधीक्षक डॉ. लवलेश पटेल ने उनके आवास में बाहर से दो ताले लगा दिए।
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डॉ. स्नेहलता ने बताया कि उन्होंने 30 जून को डीएम व सीएमओ को पत्र भेजकर सूचना दे दी थी कि वह स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थित सरकारी आवास में रह रही हैं। परिसर से दूर रहने पर दिव्यांगता के चलते उन्हें परेशानी होगी।
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उधर, चिकित्साधीक्षक डॉ. लवलेश पटेल ने ताला लगाने की बात स्वीकारते हुए बताया कि कई कर्मचारी अस्पताल के नर्स ट्रेनिंग सेंटर में अवैध रूप से रह रहे हैं। यहां प्रशिक्षुओं की ट्रेनिंग शुरू की जानी है। सीएमओ ने 27 जुलाई को पत्र जारी कर ट्रेनिंग सेंटर में रह रहे डॉ. विनोद राजपूत, चिकित्साधिकारी डॉ. स्नेहलता, एलटी विनय सिंह, बीएचडब्ल्यू प्रियंका श्रीवास्तव, स्वीपर मोहन का जुलाई माह का वेतन रोक दिया है। तीन दिन के अंदर राजकीय आवास खाली करने का आदेश दिया है। चिकित्साधीक्षक ने बताया कि डॉ. स्नेहलता ने बिना किसी आदेश के पूर्व चिकित्साधीक्षक के आवास में 27 जुलाई को कब्जा जमा लिया है, जबकि संविदा कर्मचारी को आवास आवंटित करने का प्रावधान नहीं है।

पांच घंटे बाद ताला खोला, सीएमओ ने दिए एफआईआर के निर्देश
लगभग पांच घंटे बाद शाम 6 बजे चिकित्साधीक्षक डॉ. लवलेश पटेल ने चिकित्साधिकारी डॉ. स्नेहलता के कमरे का ताला खोल दिया। साथ ही अनधिकृत रूप से कब्जाए गए आवास को छोड़ने का आग्रह किया। लेकिन वह आवास से बाहर नहीं आईं। डॉ. पटेल ने बताया कि डॉ. स्नेहलता के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गुरुवार को उन्हें फोन पर दिए हैं। इसकी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अनधिकृत रूप से आवास में कब्जे की जानकारी यहां उप जिलाधिकारी को भी दी गई है।
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