फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Banda: Boat banned, 2.50 lakh population movement affected, administration alert after Marka accident, strict on Ken and Yamuna Ghats

बांदा: नाव पर लगी रोक, 2.50 लाख आबादी आवाजाही प्रभावित, मर्का हादसे के बाद चेता प्रशासन, केन व यमुना घाटों पर सख्ती

Sat, 13 Aug 2022 12:18 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 13 Aug 2022 12:18 AM IST
विज्ञापन
Banda: Boat banned, 2.50 lakh population movement affected, administration alert after Marka accident, strict on Ken and Yamuna Ghats
बांदा के खप्टियाकलां घाट पर केन नदी पार कर फतेहपुर जाने के लिए बैठे ग्रामीण। सुवाद - फोटो : BANDA
बांदा/खप्टिहा कलां। रक्षाबंधन पर गुरुवार को भाइयों को राखी बांधने जा रहीं महिलाओं से भरी नाव यमुना नदी की बीच धारा में पलट जाने के बाद प्रशासन चेता है। जिले भर के लगभग 12 घाटों पर नौका संचालन पर रोक लगा दी है। इससे 231 गांवों की 2.50 लाख से अधिक आबादी का आवागमन बंद हो गया। इससे लोगों को आवागमन के लिए 41 किमी का चक्कर लगाना होगा। शुक्रवार को नाव नहीं चलने से इन गांवों के लोग काम पर नहीं जा पाए। कई बहनें भी भाइयों को राखी नहीं बांध पाईं।
विज्ञापन

मर्का थाना क्षेत्र के नौका घाट पर यह हादसा हुआ था। शुक्रवार को केन नदी पर नौका घाट, यमुना नदी पर नौका घाट, बागै नदी पर नौका घाट आदि में प्रशासन ने नाव नहीं चलने दीं। सुबह से ही इन घाटों पर नदी के रास्ते सफर करने वालों की भीड़ रही। केन नदी से 40, यमुना से 132 और चंद्रावल से 59 गांवों के करीब ढाई लाख लोग रोज नाव से यात्रा करते हैं। लोगों में आक्रोश रहा कि हादसे के बाद प्रशासन को सुध आई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुल बनवाए जाने की मांग की है। ताकि नदी के रास्ते नाव से उन्हें न जाना पड़े।
विज्ञापन

चंद्रावल नदी से गुजरते हैं 187 छात्र
खप्टिहा कलां गांव के विनय तिवारी, गणेशा सविता, इंद्रपाल सिंह, जयमूल निषाद, छोटेलाल तिवारी, राजू तिवारी, चुन्नू निषाद, अर्जुन सिंह शास्त्री, चुनुबाद सिंह आदि ने बताया कि जसपुरा में चंद्रावल नदी पड़ती है। इसमें कोई पुल नहीं है, बल्कि रपटा बना हुआ है। बाढ़ के दौरान इस रपटे के ऊपर से पानी गुजरता है। जहां से लोग आ जा नहीं सकते। केन नदी के उस पार कुटी डेरा तक प्रतिदिन 16 अध्यापक व 187 छात्र-छात्राएं इसी नाव से प्रतिदिन आते जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

41 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ेगा किसानों को
थानाध्यक्ष पैलानी नंदराम प्रजापति ने बताया कि विद्यार्थी और ग्रामीण जसपुरा से घूम कर आएं और जाएं। नाव नहीं चलाई जाएगी। उधर, ग्रामीणों ने कहा कि जसपुरा से होकर खेतों तक पहुंचने के लिए उन्हें 41 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ेगा। नाव बंद होने से डेरा में बसे किसानों को रक्षाबंधन पर्व में राखी भी नहीं बंध सकीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed