{"_id":"61cb69491df4e65b7f5f4931","slug":"banda-bank-loanee-farmer-hanged-himself-last-year-took-a-loan-of-46-thousand-rupees-on-kcc","type":"story","status":"publish","title_hn":"बांदा: बैंक के कर्जदार किसान ने फांसी लगाकर दी जान, पिछले साल केसीसी पर लिया था 46 हजार रुपये कर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बांदा: बैंक के कर्जदार किसान ने फांसी लगाकर दी जान, पिछले साल केसीसी पर लिया था 46 हजार रुपये कर्ज
Wed, 29 Dec 2021 01:15 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 29 Dec 2021 01:15 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : गूगल
बांदा के खप्टिहा कलां में रोग से पांच बीघा फसल खराब होने और पांच बकरियां मरने से परेशान कर्ज में डूबे किसान ने मंगलवार को घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उसने केसीसी पर बैंक से 46 हजार रुपये कर्ज लिया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पैलानी थाना क्षेत्र के सिंधन कला गांव में किसान रामरूप (38) पुत्र धनश्याम यादव ने मंगलवार को सुबह घर के खपरैल में रस्सी का फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली। सुबह नाबालिग पुत्री रागिनी व पुत्र रामजी ने पिता को फंदे पर लटका देख मां को सूचना दी। ग्राम प्रधान की सूचना पर पुलिस ने छानबीन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मृतक के चाचा घसीटा यादव ने बताया कि चार दिन पहले भी रामरूप ने फांसी लगाने की कोशिश की थी। समय रहते देख लेने पर उसे बचा लिया गया था। घसीटा ने बताया कि रामरूप ने आर्यावर्त बैंक की पैलानी शाखा से 46 हजार रुपये कर्ज लिया था। कर्ज अदा न होने से वह परेशान रहता था।
विज्ञापन
उसकी पांच बीघा मसूर की फसल उगटा रोग लगने से सूख गई। हाल ही में बीमारी से उसकी पांच बकरियों की मौत हो गई थी। इन तमाम परेशानियों से वह तनाव में था। प्रधान प्रतिनिधि छेदीलाल वर्मा ने भी बैंक के कर्ज और घरेलू परेशानियों की पुष्टि की। मृतक के तीन बेटे व दो बेटियां हैं। सभी नाबालिग हैं। रामरूप के पिता की 1986 में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। थाना इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र ने बताया कि घटना आत्महत्या की है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
विज्ञापन
पैलानी थाना क्षेत्र के सिंधन कला गांव में किसान रामरूप (38) पुत्र धनश्याम यादव ने मंगलवार को सुबह घर के खपरैल में रस्सी का फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली। सुबह नाबालिग पुत्री रागिनी व पुत्र रामजी ने पिता को फंदे पर लटका देख मां को सूचना दी। ग्राम प्रधान की सूचना पर पुलिस ने छानबीन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
विज्ञापन
मृतक के चाचा घसीटा यादव ने बताया कि चार दिन पहले भी रामरूप ने फांसी लगाने की कोशिश की थी। समय रहते देख लेने पर उसे बचा लिया गया था। घसीटा ने बताया कि रामरूप ने आर्यावर्त बैंक की पैलानी शाखा से 46 हजार रुपये कर्ज लिया था। कर्ज अदा न होने से वह परेशान रहता था।
विज्ञापन
उसकी पांच बीघा मसूर की फसल उगटा रोग लगने से सूख गई। हाल ही में बीमारी से उसकी पांच बकरियों की मौत हो गई थी। इन तमाम परेशानियों से वह तनाव में था। प्रधान प्रतिनिधि छेदीलाल वर्मा ने भी बैंक के कर्ज और घरेलू परेशानियों की पुष्टि की। मृतक के तीन बेटे व दो बेटियां हैं। सभी नाबालिग हैं। रामरूप के पिता की 1986 में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। थाना इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र ने बताया कि घटना आत्महत्या की है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।