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बांदा और महोबा में दो किसानों की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Tue, 10 May 2016 11:31 PM IST
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फसल में नुकसान होने से किसान ने की खुदकुशी
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा/महोबा। बांदा के बबेरु तहसील क्षेत्र के पतवन गांव में एक किसान की सदमे से मौत हो गई। इसके अलावा महोबा के श्रीनगर क्षेत्र के गांव बरा में एक किसान के बेटे की सदमे से मौत हो गई। इस तरह से बुंदेलखंड में सदमे से मौतों का सिलसिला थम नहीं रही है।
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बांदा के बबेरू तहसील क्षेत्र के पतवन गांव निवासी किसान रामकिशोर (63) की सदमे से मौत हो गई। पुत्र चंद्रकिशोर ने बताया कि पिता के नाम आठ बीघा जमीन है। सूखे से रबी की फसल चौपट हो गई। उधर, बोरिंग फेल होने से दोबारा बोरिंग कराने के लिए पैसा नहीं बचा। तीन साल से फसल तबाह होने और बोरिंग फेल होने के सदमे में सोमवार को रामकिशोर को दिल का दौरा पड़ा। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। उधर, उप जिलाधिकारी सुरेंद्र प्रसाद यादव का कहना है कि वह सेवानिवृत्त स्वास्थ्य पर्यवेक्षक था। उसे पेंशन मिल रही थी। किसान होने के नाते नियमानुसार मदद की जाएगी।
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महोबा के थाना श्रीनगर के ग्राम बरा में किसान के बेटे की सदमे से मौत हो गई। तीन साल से उसकी जमीन पर फसल नहीं बोई गई थी जिससे उसके सामने परिवार पालने का संकट था। ग्राम बरा निवासी लल्लू के नाम दो बीघा जमीन है। तीन साल से उसकी जमीन पर बोवाई नहीं हुई थी। वहीं मेहनत, मजदूरी का काम न मिलने से लल्लू का बेटा सुखदेव परेशान रहने लगा। मजदूरी न मिलने से परिवार के भरण पोषण में दिक्कत आ रही थी। मंगलवार की सुबह सुखदेव घर के दरवाजे पर बैठा था। तभी उसे अचानक सदमा लगा और वह जमीन पर गिर गया। परिजन उसे तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता लल्लू ने बताया कि साहूकारों से लिए कर्ज अदायगी की चिंता भी सुखदेव को थी।
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