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फिर गरीब महिलाओं की जिंदगी चूल्हे में लौटी

Mon, 14 Nov 2022 11:38 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Nov 2022 11:38 PM IST
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Banda: Again the life of poor women returned to the stove
चूल्हे में खाना बनातीं वृद्धा विश्रामकली। - फोटो : BANDA
बांदा। गैस की महंगाई ने गरीब महिलाओं को फिर से लकड़ी के चूल्हे फूंकने के लिए मजबूर कर दिया। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत मिले गैस सिलिंडर कोने में रख दिए गए हैं। चित्रकूटधाम मंडल के 6,26067 उज्ज्वला उपभोक्ताओं में से महज पांच फीसदी ही नियमित गैस भरा रहे हैं।
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टीबी और दमा जैसी बीमारियों से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीब महिलाओं को गैस सिलिंडर बांटे थे। योजना के तहत चारों जिलों में पहले चरण में 5,04,213 और दूसरे चरण में 1,21,854 गरीब महिलाओं को मुफ्त सिलिंडर दिए गए हैं।
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शुरुआत में सिलिंडर भरा मिला, लेकिन अब सिलिंडर में गैस भरवाने के लाले हैं। दिन-ब-दिन महंगी होती जा रही गैस के कारण गरीब महिलाएं सिलिंडर नहीं भरवा पा रही हैं। ज्यादातर लोगों ने सिलिंडरों को कपड़े में लपेटकर किनारे कर दिया है। इनमें मजदूर पेशा ज्यादा हैं। ये लोग एक हजार रुपये से ज्यादा में गैस भरवा पाने में असमर्थता जता रहे हैं।
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इन परिवारों का कहना है कि हम लोग रोज कमाने-खाने वाले हैं। ऐसे में हर माह गैस भरवाने में एक हजार रुपये नहीं खर्च कर सकते। सब्सिडी भी इतनी नहीं मिलती कि गैस भरवा सकें। मजबूरन चूल्हे में खाना बनाना पड़ रहा है।
ऑयल कारपोरेशन के आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ पांच फीसदी ही ऐसे परिवार हैं जो उज्ज्वला योजना के सिलिंडर का लगातार इस्तेमाल कर रहे हैं। गैस की कीमत एक हजार रुपये से ज्यादा होने के बावजूद सिलिंडर भरवा रहे हैं।
जिला पहला चरण दूसरा चरण कुल
बांदा 1,73,521 61,705 2,35,226
चित्रकूट 1,08,549 18,712 1,27,261
हमीरपुर 1,32,493 20,065 1,52,558
महोबा 89,650 21,372 1,11,022
योग 5,04,213 1,21,854 6,26,067
गैस के लिए हर माह कहां से लाएं 1085 रुपये
पिपरगवां गांव की कलमतिया ने बताया कि एक साल से गैस सिलिंडर नहीं भरवाया। बताया कि योजना से उसे भरा गैस सिलिंडर और चूल्हा आदि मिल गया, लेकिन अब गैस भरवाने के लिए उसके पास पैसे नहीं हैं। इस महंगाई में पेट भरना तो मुश्किल है, गैस के लिए हर माह 1085 रुपये कहां से लाएं? उज्ज्वला वालों को सरकार को विशेष छूट देना चाहिए।
खाने के हैं लाले, कहां से सिलिंडर भरवाएं
हनुमान नगर (तिंदवारी) निवासी तेजनिया को दो वर्ष पूर्व गैस कनेक्शन मिला था। इक्का-दुक्का बार छोड़कर कभी गैस नहीं भरवाई। बेटा अशोक सपरिवार मजदूरी करने दिल्ली चला गया। तेजनिया का कहना है कि उसके खाने के लाले हैं, ऐसे में गैस कहां से भरवाएं? खेत-खलिहान मजदूरी करने गए तो वहां से लकड़ी बीनकर लाते और चूल्हे में खाना बनाते हैं।

उज्ज्वला योजना के तहत दिए गए सिलिंडरों को भरवाने के लिए गरीब महिलाओं को प्रेरित किया जाता है। कैंप लगाकर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके बावजूद लोग गैस नहीं भरवा रहे हैं। सब्सिडी या अन्य कोई फैसला सरकार ही ले सकती है। -आशीष मौर्या, नोडल अधिकारी बांदा-चित्रकूट,
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, प्रयागराज।
पंकज शर्मा

कलमतिया।

कलमतिया।- फोटो : BANDA

तेजनिया।

तेजनिया।- फोटो : BANDA

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