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बांदा :सफाई में 60 लाख खर्च फिर कूड़े से नाले पटे, नियमित सफाई न होने से नालों और नालियों में गंदगी भरी, बारिश में सड़कों पर होगा जलभराव, घरों में घुसेगा पानी

Sun, 10 Jul 2022 10:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 10 Jul 2022 10:51 PM IST
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Banda: 60 lakhs spent in cleaning, then the drains get clogged with garbage, due to lack of regular cleaning, the drains and drains are filled with dirt, there will be waterlogging on the roads in the rain, water will enter the houses
Banda: 60 lakhs spent in cleaning, then the drains get clogged with garbage, due to lack of regular cleaning, the drains and drains are filled with dirt, there will be waterlogging on the roads in the rain, water will enter the houses - फोटो : BANDA
बांदा। नगर पालिका प्रशासन ने नालों की सफाई के नाम पर 60 लाख रुपये से अधिक खर्च किए, इसके बावजूद नालों में गंदगी भरी है। शहर की सफाई व्यवस्था नागरिकों के लिए मुसीबत का कारण बन गई है। नगर के प्रमुख बाजारों एवं बस अड्डा आदि जगहों पर कई महीनों से सफाई नहीं हुई है। नालों में जमा गंदा पानी बदबू फैला रहा है। इससे लोग परेशान हैं। एक-दो दिन में बारिश के आसार जताए गए हैं। नालों की सही से सफाई न होने से बारिश में सड़कों पर जलभराव होगा, इसके साथ ही घरों में भी पानी घुसेगा।
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कुछ खास जगहों पर होती है सफाई
नगर पंचायत अध्यक्ष के घर के सामने नियमित रूप से दिनभर में दो बार साफ होती है। वहीं, कुछ दूरी पर ही गंदगी के ढेर लगे हैं। लोगों का कहना है कि अध्यक्ष के दरवाजे पर चकाचक रहता है, बाकी जगहों की साफ-सफाई हो या फिर न हो, इससे उनका कोई मतलब नहीं है। पालिका प्रशासन की अनदेखी के चलते कई वार्ड नंबर 23 और 12 में कई नालों को बंद कर दिया गया, या फिर उन पर कब्जा हो गया है।
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नालों पर हो गया कब्जा
संत कुमार शुक्ला का कहना है कि साफ सफाई न होने से नाले और नालियां गंदगी से पटी हैं। कुएं के आस पास भी गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। कुछ खास जगहों पर ही सफाई होती हैं, इसके अलावा नगर में कूड़े के लगे ढेर देखे जा सकते हैं। जय प्रकाश पांडेय का कहना है कि पालिका प्रशासन की अनदेखी के चलते लोगों ने नालों को पाटकर नालियों में तब्दील कर दिया है। मोहल्ले में कई नाले तो बंद कर दिये गये हैं। इससे जल निकासी नहीं हो रही है। पहली बारिश में ही शहर के वार्ड लबालब हो जाएंगे।
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मोहन साहू, अध्यक्ष नगर पालिका
नगर में नियमित सफाई की क्या व्यवस्था है ?
सफाई ठेके में कराई जाती है। सुबह-शाम नगर के झाडू़ एवं नालियों की साफ सफाई की व्यवस्था है।
सफाई के बाद भी नालियों से भारी मात्रा में मलबा क्यों निकल रहा है ?
स्लैब जाम होने के चलते कर्मचारियों को इसे सफाई करने नहीं दिया जाता है। जिससे नालियों में मलबा जमा हो रहा है।
सफाई कर्मचारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध नियमित सफाई न करने पर क्या कार्रवाई करेंगे?
नियमित सफाई अगर नहीं हो रही है तो ठेकेदार एवं कर्मचारियों से इस संबंध में जानकारी लेकर व्यवस्था को सुचारु करने के लिए निर्देशित किया जाएगा।
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