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47 आंगनबाड़ी केंद्रों में बनेंगे बेबी शौचालय
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बांदा। जिले के 47 आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों में छोटे बच्चों की सुविधा के लिए बेबी शौचालय बनाए जाएंगे। इसके लिए शासन ने प्रति शौचालय 12 हजार की धनराशि जारी कर दी है।
जिलेभर में 1707 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से 101 आंगनबाड़ी केंद्रों को अधिकारियों ने गोद लिया है। इन्हें आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित किया जाना है। यहां स्वच्छ पेयजल, बिजली, पोषण वाटिका, शौचालय आदि की व्यवस्थाएं की जाएंगी। इनमें 47 केंद्रों में बेबी शौचालय बनाए जाएंगे। एसडीएम व प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों में व्यवस्थाओं की कवायद शुरू कर दी गई है। डीपीआरओ को पत्र भेजकर ग्राम पंचायतों का खाता नंबर मांगा गया है, ताकि शौचालय की धनराशि ग्राम पंचायतों के खातों में भेजी जा सके।
भवन निर्माण कराने से किया इनकार
वर्ष 2020-21 में जनपद को 16 आंगनबाड़ी केंद्र मिले थे। शासन ने इनके निर्माण का दायित्व कार्यदायी संस्था आरईएस को नामित किया था। निर्माण के लिए 8.06 लाख की धनराशि को कम बताते हुए भवन बनाने से इनकार कर दिया था। जिलाधिकारी ने भवन निर्माण के लिए अब ग्राम पंचायतों को नामित किया है।
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जिलेभर में 1707 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से 101 आंगनबाड़ी केंद्रों को अधिकारियों ने गोद लिया है। इन्हें आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित किया जाना है। यहां स्वच्छ पेयजल, बिजली, पोषण वाटिका, शौचालय आदि की व्यवस्थाएं की जाएंगी। इनमें 47 केंद्रों में बेबी शौचालय बनाए जाएंगे। एसडीएम व प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों में व्यवस्थाओं की कवायद शुरू कर दी गई है। डीपीआरओ को पत्र भेजकर ग्राम पंचायतों का खाता नंबर मांगा गया है, ताकि शौचालय की धनराशि ग्राम पंचायतों के खातों में भेजी जा सके।
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भवन निर्माण कराने से किया इनकार
वर्ष 2020-21 में जनपद को 16 आंगनबाड़ी केंद्र मिले थे। शासन ने इनके निर्माण का दायित्व कार्यदायी संस्था आरईएस को नामित किया था। निर्माण के लिए 8.06 लाख की धनराशि को कम बताते हुए भवन बनाने से इनकार कर दिया था। जिलाधिकारी ने भवन निर्माण के लिए अब ग्राम पंचायतों को नामित किया है।
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