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आक्रोशित किसानों ने जलाई धान की होली
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 04 Feb 2017 12:35 AM IST
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खरीद केंद्र के बाहर धान की होली जलाते किसान।
- फोटो : amarujala
अतर्रा मंडी परिषद में धान बेचने के लिए महीनों से पड़े किसानों ने निर्धारित सरकारी समर्थन मूल्य पर धान खरीद बंद होने पर धान की होली जलाई और आक्रोशित जाहिर करते हुए तहसील में विरोध प्रदर्शन किया। एसडीएम को ज्ञापन देकर क्रय केंद्रों में धान तौल न होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी।
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अतर्रा तहसील धान का हब माना जाता है। यहां धान की बहुतायत खेती होती है। करीब तीन साल से सूखा व ओलावृष्टि कहर झेल रहे किसानों को इस साल अच्छी फसल मिली तो सरकारी व्यवस्था ने उन्हें रोने पर मजबूर कर दिया है। अतर्रा मंडी परिषद समेत जिले भर के धान खरीद केंद्रों पर किसानों का हजारों मीट्रिक टन धान बेचने के लिए पड़ा है। 31 जनवरी को धान खरीद की तिथि खत्म होने के बाद केंद्रों पर ताला लटक रहा है। किसान धान बेचने को दिनरात एक किए हैं।
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लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। शुक्रवार को जब कोई रास्ता नहीं सूझा तो किसानों ने धान की होली जलाकर आक्रोश जाहिर किया। तहसील पहुंचकर किसानों ने नारे लगाए और अफसरों से धान खरीदे जाने की गुहार लगाई। ओरहा के किसान प्रमोद श्रीवास्तव, अधरोरी के जगदीश, विजय बहादुर कुशवाहा, तेरा के रामप्रसाद, बंडे गांव के नंद किशोर व सुशील, महोतरा के रामस्वरूप यादव आदि ने कहा कि वे महीनों से धान लिए केंद्र के बाहर डेरा डाले हैं।
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तौल में उनका नंबर ही नहीं आया। जबकि दलालों व बिचौलियों का धान धड़ल्ले से तौला गया। यदि धान खरीद की व्यवस्था नहीं की जाती तो किसान दो दिन बाद आत्मदाह करेंगे। उधर, एसडीएम अरविंद कुमार तिवारी ने किसानों को भरोसा दिया कि उनका धान खरीदा जाएगा। डिप्टी आरएमओ गोवेंद्र कुमार उपाध्याय किसानों के आक्रोश से बचने के लिए भूमिगत हैं। उनका न फोन उठ रहा है और न ही वे दफ्तर में ढूंढ़े मिल रहे हैं।