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वोट डलवाकर अफसर भूले गोशाला का वादा

Fri, 25 Feb 2022 11:35 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 25 Feb 2022 11:35 PM IST
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After casting vote, the officer forgot the promise of cowshed
दशरथ पुरवा में ग्रामीणों द्वारा बनाई गई अस्थायी गोशाला में कैद मवेशी। - फोटो : BANDA
नरैनी। दशरथ पुरवा में अन्ना मवेशियों से परेशान किसानों द्वारा मतदान का बहिष्कार किए जाने पर अधिकारियों द्वारा गोशाला निर्माण का वादा कर वोट तो डलवा लिए पर आश्वासन तीसरे दिन भी पूरा नहीं हुआ। हालांकि ग्रामीणों ने एकजुट होकर अस्थायी गोशाला बना ली है। प्रशासनिक अफसरों ने सिर्फ पुआल पहुंचाकर रस्म अदायगी कर ली।
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दशरथ पुरवा (पिपरहरी) में 200 से अधिक अन्ना मवेशी किसानों के लिए फसल बर्बादी का कारण बने हुए हैं। यह कई सालों से चला आ रहा है। लगभग 2000 की आबादी वाले पुरवा में प्रशासन ने अन्ना मवेशियों से निजात का कोई बंदोबस्त नहीं किया। किसान और ग्रामीण लगातार फरियादें करते रहे।
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बुधवार को मतदान में यह मुद्दा गरमा गया। नाराज ग्रामीणों ने वोट डालने से इनकार कर दिया। इस पर जिला मुख्यालय से पहुंचे सीडीओ और एसडीएम व बीडीओ आदि ने देर तक किसानों का मान-मनौव्वल करने के बाद भरोसा दिलाया कि तत्काल अस्थायी गोशाला बनाई जाएगी।
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प्रधान और सचिव को निर्देश भी दिए। फौरीतौर पर कुछ पुआल भी मंगा दिया। अफसरों की तमाम मशक्कत पर छह घंटे के बाद ग्रामीणों ने मतदान किया। हालांकि 856 में सिर्फ 460 ग्रामीणों ने ही वोट डाले। उधर, मतदान निपट जाने के बाद अफसरों ने कोई सुध नहीं ली।
ग्राम प्रधान भूरी यादव को एसडीएम रवींद्र कुमार ने उसी समय गोशाला बनाने का निर्देश दिया था। लेकिन गोशाला नहीं बनी। किसानों ने बताया कि हाल ही में लक्ष्मी और गया यादव के दो-दो बीघा खेत में लगी गेहूं की फसलें अन्ना मवेशियों ने सफाचट कर दी। ग्रामीणों ने निजी भूमि पर अपने पास से तार बंदी करके कुछ अन्ना मवेशियों को कैद कर रखा है। अपने पास से चारा-भूसा दे रहे हैं।
दशरथ पुरवा के किसान नत्थूराम ने बताया कि दो ब्लाक और दो गांवों की सीमा में बसा होने से उनका पुरवा उपेक्षा का शिकार है। यहां कोई विकास नहीं हुआ। गांव के लोग पिछले सात वर्षों से अन्ना मवेशियों का संकट झेल रहे हैं।
किसान रामकृष्ण ने बताया कि पूरा गांव किसानी करता है। फसल के दिनों में पूरे समय आषाढ़ से बैसाख तक रात-दिन खेतों में ही रहकर फसलों को अन्ना मवेशियों से बचाते हैं। गोशाला बन जाए तो इस बड़े संकट से राहत मिले।

किसान शिवकुमार ने प्रशासन के रवैए पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि जानलेवा ठंड और गर्मी में फसलों को बचाने की मशक्कत करना पड़ रही है। चेतावनी दी कि प्रशासन ने इस समस्या का समाधान नहीं किया तो किसान एकजुट होकर कोई और रास्ता अपनाएंगे।

नत्थूराम

नत्थूराम - फोटो : BANDA

रामकृष्ण

रामकृष्ण- फोटो : BANDA

शिवकुमार

शिवकुमार- फोटो : BANDA

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