फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   A unique specimen of nature became the center of attraction in the International Trade Fair.

Banda News: इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में कुदरत का नायाब नमूना शजर रहा आकर्षण का केंद्र

Fri, 26 Sep 2025 02:08 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Fri, 26 Sep 2025 02:08 AM IST
सार

बांदा की केन नदी में पाए जाने वाले शजर पत्थर की कलाकृतियां नोएडा में आयोजित इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में आकर्षण का केंद्र बनीं। प्रधानमंत्री मोदी ने भी इन कलाकृतियों का अवलोकन किया। शजर पत्थर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है।

विज्ञापन
A unique specimen of nature became the center of attraction in the International Trade Fair.
फोटो- 08 शजर पत्थर से हस्तशिल्पी द्वारिका सोनी द्वारा बनाई गई कलाकृतियां। स्रोत-स्वयं

विस्तार

बांदा। एक जनपद एक उत्पाद में शामिल बांदा की केन नदी में पाया जाने वाला शजर पत्थर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है। नोएडा में गुरुवार से शुरू हुए इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में शजर की कलाकृतियों को देखकर लोग तारीफ करते नहीं थके। प्रधानमंत्री मोदी ने भी शजर पत्थर से बने राम मंदिर के साथ ही अन्य कलाकृतियों को देखा।
विज्ञापन

शहर के दीनदयाल नगर खुटला मोहल्ला निवासी शजर हस्तशिल्पी द्वारिका सोनी इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में शजर पत्थर से बनीं कलाकृतियों का प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बृहस्पतिवार को ट्रेड फेयर का शुभारंभ किया और अनोखी कलाकृतियों का अवलोकन किया। प्रधानमंत्री ने शजर से बने राममंदिर को देखा। इसके साथ की शजर की अन्य कलाकृतियों पर भी नजर दौड़ाई।
विज्ञापन

29 सितंबर तक आयोजित होने वाले ट्रेड फेयर में सैकड़ों की संख्या में विभिन्न उत्पादों के स्टाल लगे हुए हैं। शजर कलाकृतियों का स्टाल भी यहां लगाया गया है। शजर हस्तशिल्पी द्वारिका सोनी ने बताया कि पूर्व में 0.25 प्रतिशत जीएसटी लगी थी। केंद्र सरकार ने जो दरें कम की हैं, उसका शजर पत्थर कोई असर नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्या है शजर पत्थर
शजर पत्थर, या डेंड्रिटिक एगेट, बांदा जिले की केन नदी में पाया जाने वाला एक प्राकृतिक पत्थर है, जिसमें आंतरिक रूप से पेड़-पौधों की आकृतियां प्राकृतिक रूप से बनी होती हैं। ये आकृतियां शजर पत्थर के अंदर मैंगनीज और लौह पदार्थों के जमा होने से बनती हैं, और प्रत्येक पत्थर अद्वितीय होता है। इस पत्थर से सुंदर गहने और सजावटी सामान बनाए जाते हैं। अपने प्राकृतिक सौंदर्य के कारण पूरी दुनिया में विख्यात है।

शजर पत्थर की विशेषताएं
प्राकृतिक डिजाइन: शजर पत्थर की सबसे खास बात यह है कि इसमें पेड़-पौधों, फूलों, या अन्य प्राकृतिक आकृतियों की कलाकृति अपने आप बन जाती है, न कि किसी मशीन द्वारा।


अद्वितीय आकार: हर शजर पत्थर का डिजाइन अलग होता है, कोई भी दो पत्थर एक जैसे नहीं होते। साथ ही यह एक मजबूत पत्थर है।
शजर नाम का अर्थ: इस पत्थर का नाम फारसी शब्द शजर से लिया गया है, जिसका अर्थ पेड़ होता है, क्योंकि इसमें पेड़ जैसी आकृतियां बनती हैं।

पत्थर की उपयोगिता

गहने और सजावट: इसका उपयोग पेंडेंट, अंगूठियां, झुमके जैसे आभूषण और अन्य सजावटी वस्तुओं के निर्माण में किया जाता है।

प्रसिद्ध स्थल: बांदा के कारीगर शजर पत्थरों का उपयोग कर अयोध्या और आगरा के ताजमहल के छोटे नमूने भी बनाते हैं।

फोटो- 08 शजर पत्थर से हस्तशिल्पी द्वारिका सोनी द्वारा बनाई गई कलाकृतियां। स्रोत-स्वयं

फोटो- 08 शजर पत्थर से हस्तशिल्पी द्वारिका सोनी द्वारा बनाई गई कलाकृतियां। स्रोत-स्वयं

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed