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सोते रह गए सिपाही, बांदा का कैदी फरार
Banda
Updated Thu, 10 May 2012 12:00 PM IST
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इलाहाबाद। नैनी सेंट्रल जेल से इलाज के लिए एसआरएन अस्पताल लाया गया बांदा का कुख्यात मेवालाल बुधवार को फरार हो गया। अभिरक्षा में लगे दोनों सिपाही अस्पताल के बेड पर गहरी नींद में सोते रहे। हत्या में उसे उम्रकैद हुई थी। जेल सुपरिंटेंडेंट ने दोनों सिपाहियों को निलंबित कर मुकदमा दर्ज करा दिया है। सिपाहियों से पूछताछ चल रही है।
बांदा के गढ़वा बिसंडा निवासी रज्जन का बेटा मेवालाल (35) नैनी सेंट्रल जेल में 21 अगस्त 2011 से आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। उस पर हत्या के कई मामले दर्ज हैं। मेवालाल को काफी दिनों से खांसी आ रही थी। टीबी के चेकअप के लिए उसे जेल अस्पताल से 22 अप्रैल को एसआरएन अस्पताल भेजा गया था। उसका इलाज चल रहा था। दो सिपाही प्रभुनाथ और त्रिभुवन प्रसाद उसकी अभिरक्षा में तैनात थे। बुधवार की सुबह मेवालाल अस्पताल से फरार हो गया। सुबह 7 बजे जेल का हेड मोहर्रिर अस्पताल पहुंचा तो दोनों सिपाही आराम से सोते मिले। कैदी के फरार होने से हंगामा खड़ा हो गया। खबर पाकर कोतवाली की फोर्स पहुंच गई। अस्पताल में तलाश के बाद सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा लिख लिया गया।
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बांदा के गढ़वा बिसंडा निवासी रज्जन का बेटा मेवालाल (35) नैनी सेंट्रल जेल में 21 अगस्त 2011 से आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। उस पर हत्या के कई मामले दर्ज हैं। मेवालाल को काफी दिनों से खांसी आ रही थी। टीबी के चेकअप के लिए उसे जेल अस्पताल से 22 अप्रैल को एसआरएन अस्पताल भेजा गया था। उसका इलाज चल रहा था। दो सिपाही प्रभुनाथ और त्रिभुवन प्रसाद उसकी अभिरक्षा में तैनात थे। बुधवार की सुबह मेवालाल अस्पताल से फरार हो गया। सुबह 7 बजे जेल का हेड मोहर्रिर अस्पताल पहुंचा तो दोनों सिपाही आराम से सोते मिले। कैदी के फरार होने से हंगामा खड़ा हो गया। खबर पाकर कोतवाली की फोर्स पहुंच गई। अस्पताल में तलाश के बाद सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा लिख लिया गया।
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