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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की रफ्तार धीमी
Banda
Updated Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
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बांदा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की रफ्तार धीमी पड़ती जा रही है। तीन सड़कों की गुणवत्ता घटिया होने के साथ कई माह से निर्माण कार्य ठप हैं। स्वीकृत आठ सड़कों के लिए शासन से धनराशि नहीं मिल पाई।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत यूनिट एक और यूनिट दो गांव को संपर्क मार्ग से जोड़ने का काम कर रही है। पीआईयू यूनिट दो को पिछले वर्ष 8.375 किमी लंबे तीन संपर्क मार्गाें के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इनकी लागत एक करोड़ 82 लाख 60 हजार रुपए निर्धारित थी। अभी तक इन संपर्क मार्गाें में मात्र 24 फीसदी काम हो पाया है। अधिशासी अभियंता का कहना है कि संबंधी कंस्ट्रक्शन कंपनी को सड़कों की गुणवत्ता मानक के अनुरूप न होने पर सुधार के लिए पत्र लिखा गया था। गुणवत्ता में सुधार लाने के बजाय ठेकेदार ने काम ही ठप कर दिया। नतीजतन 24 दिसंबर 2011 को उक्त कंस्ट्रक्शन कंपनी से अनुबंध खत्म करने की संस्तुति अधीक्षण अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (परिमंडल झांसी) को भेजी गई है। अभी उच्चाधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
उधर, आठ नई सड़कों के निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई पूरी होने के बावजूद शासन से धनराशि अवमुक्त नहीं की गई। इससे काम ठप है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि मुख्य अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग लखनऊ के माध्यम से अप्रैल 2011 में यूपीआरडीए को स्वीकृत सड़कों की सूची भेजी गई थी। उक्त संपर्क मार्गाें में मवई घाट रोड से बुधेड़ा (जसपुरा), बांदा-बिसंडा रोड से निजामतपुरवा (महुआ), बीएनके रोड से पारादेव (महुआ), पुकारी-शहबाजपुर-चंद्रपुरा रोड से मोहनपुर (नरैनी), कमासिन-लखनपुर रोड से अछरील (कमासिन), मुरेड़ी से बनियाखोड़ (बड़ोखर) और शेखूपुर से पचकौरी (जसपुरा) मार्ग शामिल हैं। इन आठ संपर्क मार्गाें की कुल लंबाई 19.2 किमी और लागत 10 करोड़ 26 लाख रुपए है। धनराशि अवमुक्त होने के बाद ही निर्माण की प्रक्रिया संभव होगी।
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत यूनिट एक और यूनिट दो गांव को संपर्क मार्ग से जोड़ने का काम कर रही है। पीआईयू यूनिट दो को पिछले वर्ष 8.375 किमी लंबे तीन संपर्क मार्गाें के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इनकी लागत एक करोड़ 82 लाख 60 हजार रुपए निर्धारित थी। अभी तक इन संपर्क मार्गाें में मात्र 24 फीसदी काम हो पाया है। अधिशासी अभियंता का कहना है कि संबंधी कंस्ट्रक्शन कंपनी को सड़कों की गुणवत्ता मानक के अनुरूप न होने पर सुधार के लिए पत्र लिखा गया था। गुणवत्ता में सुधार लाने के बजाय ठेकेदार ने काम ही ठप कर दिया। नतीजतन 24 दिसंबर 2011 को उक्त कंस्ट्रक्शन कंपनी से अनुबंध खत्म करने की संस्तुति अधीक्षण अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (परिमंडल झांसी) को भेजी गई है। अभी उच्चाधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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उधर, आठ नई सड़कों के निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई पूरी होने के बावजूद शासन से धनराशि अवमुक्त नहीं की गई। इससे काम ठप है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि मुख्य अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग लखनऊ के माध्यम से अप्रैल 2011 में यूपीआरडीए को स्वीकृत सड़कों की सूची भेजी गई थी। उक्त संपर्क मार्गाें में मवई घाट रोड से बुधेड़ा (जसपुरा), बांदा-बिसंडा रोड से निजामतपुरवा (महुआ), बीएनके रोड से पारादेव (महुआ), पुकारी-शहबाजपुर-चंद्रपुरा रोड से मोहनपुर (नरैनी), कमासिन-लखनपुर रोड से अछरील (कमासिन), मुरेड़ी से बनियाखोड़ (बड़ोखर) और शेखूपुर से पचकौरी (जसपुरा) मार्ग शामिल हैं। इन आठ संपर्क मार्गाें की कुल लंबाई 19.2 किमी और लागत 10 करोड़ 26 लाख रुपए है। धनराशि अवमुक्त होने के बाद ही निर्माण की प्रक्रिया संभव होगी।
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