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जगमग हुआ तीर्थक्षेत्र, लगे जयकारे

Sat, 25 Oct 2014 05:32 AM IST
Banda
Banda Updated Sat, 25 Oct 2014 05:32 AM IST
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चित्रकूट। दीपावली पर तीर्थक्षेत्र में गुरुवार को लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंदाकिनी तट पर दीपदान से जगमगाहट देखने लायक थी। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारे भी लगाए। मेले के दौरान यूपी व एमपी प्रशासन की व्यवस्थाएं तो चुस्त रहीं लेकिन यह शायद पिछली भदई अमावस्या में भगदड़ के दौरान दस श्रद्धालुओं की मौत का ही असर रहा कि अनुमानित आंकड़ों से तीर्थयात्रियों का दीपावली अमावस्या मेला में आगमन लगभग आधा रहा। लगभग पंद्रह लाख श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी के रामघाट में स्नान कर मत्यगयेंद्र नाथ महाराज का जलाभिषेक किया। इसके बाद कामदगिरि की परिक्रमा लगाई। शाम को दीपदान किया गया।
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तीर्थक्षेत्र चित्रकूट में दीपावली अमावस्या मेला वर्ष भर के सबसे बड़े अमावस्या मेला पर्वों में एक है। यहां तकरीबन पिछले अमावस्या मेला पर्वों में जहां तीस से चालीस लाख श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती थी, पर इस बार यह आंकड़ा आधे के लगभग है। पिछले भदई अमावस्या मेला में भगदड़ के दौरान मध्यप्रदेश क्षेत्र के प्राचीन मुखारविंद के सामने दस श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद यूपी, एमपी प्रशासन जबर्दस्त तरीके से हरकत में आए। अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाए गए और तीर्थक्षेत्र में पानी बिजली, सड़क से लेकर हर तरह की व्यवस्थाओं को चाकचौबंद किया गया। दोनों प्रदेशों की ओर से दंडवती परिक्रमा मार्ग अलग किया गया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। चप्पे-चप्पे पर पुलिस, पीएसी, बम स्क्वायड, डाग स्क्वायड, एलआईयू आदि के जवान तैनात रहे। मंदाकिनी नदी में गोताखोरों की टीम स्टीमर से कवायद करती रही। जिलाधिकारी नीलम अहलावत और पुलिस अधीक्षक स्वामी प्रसाद पिछले दस दिनों से लगातार मेला क्षेत्र में व्यवस्थाओं को चुस्त रखने के लिए दौरे कर रहे थे। प्रशासन के आकलन के मुताबिक भीड़ कम रही। शायद पिछली बार हुए हादसे और किसानों की खराब माली हालत इसकी वजह रही। इस वजह से भीड़ कम रही। दीपदान का सिलसिला सुबह से शुरू हुआ और जैसे जैसे सांझ ढली इसमें रौनक आती गई। आलम यह रहा कि रात में कामदगिरि और मंदाकिनी में ऐसा लगने लगा कि मानो ब्रह्मांड धरती पर उतर आया हो और तारे जमीं पर टिमटिमा रहे हों।
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