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‘दीपक जलाकर दिवाली मनाएं, बचपन जलाकर नहीं’
Banda
Updated Thu, 23 Oct 2014 05:32 AM IST
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बांदा। कई स्वयंसेवी संगठनों ने आतिशबाजी बहिष्कार का आह्वान कर कहा है कि दीप जलाकर दिवाली मनाएं, बचपन जलाकर नहीं। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष चंद्रमौलि श्रीवास्तव ने पटाखा उद्योग में हो रही मौतों की वजह से यह अपील की गई है। अधिवक्ता संघ महासचिव जयराज सिंह ने कहा है कि अभियान में सभी शामिल हों। टीचर चेतना सिंह ने कहा कि बच्चों को प्यार से समझाकर आतिशबाजी से दूर करें। प्रधान अनिल सिंह ने कहा कि मिट्टी के दिए जलाएंगे। बचपन बचाओ आंदोलन पूर्व अध्यक्ष शंभू प्रसाद ने कहा कि अवैध रूप से चल रहे पटाखा उद्योगों को बंद किया जाना चाहिए। लोगों से अपील की कि अपने साथ पड़ोसियों को भी इसके लिए प्रेरित करें। ब्यूरो
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