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बाबू के नजदीकी समेत दो पर मुकदमे का आदेश
Banda
Updated Sat, 20 Jul 2013 05:32 AM IST
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बांदा। पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के नजदीकी ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा फर्जीवाड़े के मामले में फंस गए हैं। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने उनके विरुद्ध एफआईआर के आदेश दिए हैं। शपथ पत्र की तस्दीक करने वाले नोटरी सहित दो अधिवक्ता पर भी मुकदमा दर्ज होगा। खुलासा तब हुआ जब 3,58,83,200 रुपए खनन का बकाया जारी हुआ।
अतर्रा क्षेत्र के बिगहना गांव निवासी सुंदरलाल पुत्र जगदीश प्रसाद ने सीजेएम अदालत में दी गई अर्जी में कहा था कि उसने जिला पंचायत में ठेकेदारी के लिए हैसियत प्रमाणपत्र बनवाया था। पंजीकरण के बाद उसने कोई ठेकेदारी नहीं की। पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के खास ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने खनिज विभाग से पट्टा हथियाने के लिए उसका हैसियत प्रमाणपत्र जिला पंचायत से निकलाकर खनिज विभाग में जमा कर दिया और 19 अगस्त 2008 को उसके नाम से अपने पक्ष में फर्जी पावर आफ अटार्नी बनवा लिया। इसके हलफनामा में नोटरी हरिभजन गुप्ता की सील लगी है व उनके हस्ताक्षर हैं। अधिवक्ता मूलचंद्र ने इसकी तस्दीक की है। फर्जी पावर ऑफ अटार्नी में कहा गया है कि ईश्वरी प्रसाद के कार्यों की जिम्मेदारी सुंदरलाल की होगी।
दो मई 2013 को सुंदरलाल पर 3,58,83,200 रुपये की बकाया नोटिस जारी होने पर वह परेशान हो गया। थाने में एफआईआर नहीं लिखी गई। न्याय के लिए उसने सीजेएम अदालत में फरियाद की। बृहस्पतिवार को सीजेएम ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली को सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिया।
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अतर्रा क्षेत्र के बिगहना गांव निवासी सुंदरलाल पुत्र जगदीश प्रसाद ने सीजेएम अदालत में दी गई अर्जी में कहा था कि उसने जिला पंचायत में ठेकेदारी के लिए हैसियत प्रमाणपत्र बनवाया था। पंजीकरण के बाद उसने कोई ठेकेदारी नहीं की। पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के खास ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने खनिज विभाग से पट्टा हथियाने के लिए उसका हैसियत प्रमाणपत्र जिला पंचायत से निकलाकर खनिज विभाग में जमा कर दिया और 19 अगस्त 2008 को उसके नाम से अपने पक्ष में फर्जी पावर आफ अटार्नी बनवा लिया। इसके हलफनामा में नोटरी हरिभजन गुप्ता की सील लगी है व उनके हस्ताक्षर हैं। अधिवक्ता मूलचंद्र ने इसकी तस्दीक की है। फर्जी पावर ऑफ अटार्नी में कहा गया है कि ईश्वरी प्रसाद के कार्यों की जिम्मेदारी सुंदरलाल की होगी।
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दो मई 2013 को सुंदरलाल पर 3,58,83,200 रुपये की बकाया नोटिस जारी होने पर वह परेशान हो गया। थाने में एफआईआर नहीं लिखी गई। न्याय के लिए उसने सीजेएम अदालत में फरियाद की। बृहस्पतिवार को सीजेएम ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली को सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिया।
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