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धान की नर्सरी व खरीफ फसलों की तैयारी शुरू
Banda
Updated Mon, 17 Jun 2013 05:30 AM IST
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बांदा। मानसूनी बारिश की दस्तक से किसानों के चेहरे खिल उठे। दूसरे दिन रविवार को सुबह से आसमान में काले बादलों का डेरा रहा। दोपहर बाद झमाझम बारिश हुई। बदली व ठंड हवाओं से मौसम खुशगवार हो गया। बारिश शुरू होने के साथ ही किसानों ने धान की नर्सरी डालने व खरीफ की फसलों की तैयारियां शुरू कर दीं।
बुंदेलखंड में अक्सर 20 जून के बाद ही मानसून सक्रिय होता है, लेकिन इस बार समय पूर्व आए मानसून ने किसानों की राह आसान कर दी है। पिछले वर्ष जून में बारिश ने लोगों को तरसा लिया था। जून में आखिरी सप्ताह में महज दो मिलीमीटर बारिश हुई थी। इस वर्ष किसानों के चेहरे खिल गए हैं। शनिवार दोपहर बाद बादल बरसे तो उमस झेल रहे लोगों ने राहत महसूस की। देर रात तक बारिश हुई। दूसरे दिन रविवार सुबह से आसमान में काले बादल छाए रहे। सूर्य का लिकाछिपी खेल चलता रहा। शाम छह बजे झमाझम बारिश हुई। किसान धान की नर्सरी डालने की तैयारियों में जुट गए। खरीफ की फसल बोने की तैयारियों का भी यही उपयुक्त समय है। कमासिन। धान की नर्सरी डालने में जुटे किसान प्रफुल्लित हैं। कमल द्विवेदी, राममनोहर यादव, नंदलाल सिंह ने बताया कि रवी व खरीफ फसलों के लिए समय पूर्व आई मानसून बारिश शुभ संकेत है। बबेरू। बारिश ने गर्मी से राहत दी। मेड़बंदी व धान की नर्सरी डालने की तैयारी में ग्रामीण जुट गए।
राठ (हमीरपुर)। क्षेत्र में रविवार को सारा दिन रुक-रुक कर बारिश होती रही। इससे खुश किसानों ने खरीफ फसल की तैयारी शुरू कर दी है। तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। रविवार सुबह से ही आसमान पर काले बादल मडराने लगे। सुबह करीब 11 बजे पानी बरसने लगा। किसान रामप्रकाश, रविकरण, देवकीनंदन, गजाधर, संतोष कुमार आदि ने कहा कि दो-चार दिन पानी बरसा तो किसानों के हल खेत में चलने लगेंगे।
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बुंदेलखंड में अक्सर 20 जून के बाद ही मानसून सक्रिय होता है, लेकिन इस बार समय पूर्व आए मानसून ने किसानों की राह आसान कर दी है। पिछले वर्ष जून में बारिश ने लोगों को तरसा लिया था। जून में आखिरी सप्ताह में महज दो मिलीमीटर बारिश हुई थी। इस वर्ष किसानों के चेहरे खिल गए हैं। शनिवार दोपहर बाद बादल बरसे तो उमस झेल रहे लोगों ने राहत महसूस की। देर रात तक बारिश हुई। दूसरे दिन रविवार सुबह से आसमान में काले बादल छाए रहे। सूर्य का लिकाछिपी खेल चलता रहा। शाम छह बजे झमाझम बारिश हुई। किसान धान की नर्सरी डालने की तैयारियों में जुट गए। खरीफ की फसल बोने की तैयारियों का भी यही उपयुक्त समय है। कमासिन। धान की नर्सरी डालने में जुटे किसान प्रफुल्लित हैं। कमल द्विवेदी, राममनोहर यादव, नंदलाल सिंह ने बताया कि रवी व खरीफ फसलों के लिए समय पूर्व आई मानसून बारिश शुभ संकेत है। बबेरू। बारिश ने गर्मी से राहत दी। मेड़बंदी व धान की नर्सरी डालने की तैयारी में ग्रामीण जुट गए।
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राठ (हमीरपुर)। क्षेत्र में रविवार को सारा दिन रुक-रुक कर बारिश होती रही। इससे खुश किसानों ने खरीफ फसल की तैयारी शुरू कर दी है। तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। रविवार सुबह से ही आसमान पर काले बादल मडराने लगे। सुबह करीब 11 बजे पानी बरसने लगा। किसान रामप्रकाश, रविकरण, देवकीनंदन, गजाधर, संतोष कुमार आदि ने कहा कि दो-चार दिन पानी बरसा तो किसानों के हल खेत में चलने लगेंगे।
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