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सोची-समझी साजिश से घटना को अंजाम
Banda
Updated Sat, 09 Mar 2013 05:31 AM IST
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नरैनी। राजेंद्र उर्फ राजन के हत्यारे ने सोची-समझी साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया। गोली मारने के कुछ देर पहले ही उसने राजेंद्र के साथ गुटखा खाया। चचेरे भाई देवराज और मजदूर अनिल, राजू व कृष्ण कुमार के साथ राजेंद्र शाम 7 बजे माखनपुर घाट बालू लेने गया था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बालू भरने के बाद चलते समय रामनरेश उर्फ रजउवा भुर्जी पास के अरहर के खेत से निकलकर आया और साथ गांव चलने को कहा। ट्रैक्टर में बैठकर दोनों ने गुटखा खाया।
ट्रैक्टर चढ़ाई में पहुंचने पर राजन के साथ रहे तीन लोग ट्रैक्टर में आगे बैठ गए। इसी बीच रजउवा ने पीछे से राजन को 315 बोर तमंचे से गोली मार दी। पहली गोली लगने के बाद राजन को पता नहीं था कि रजउवा ने ही उसे गोली मारी है। उसने रजउवा से ही मदद की गुहार लगाई। इसी बीच रजउवा ने उतरकर सीने और सिर पर दो गोलियां मारीं। इसके तमंचा लहराते हुए वह भाग निकला।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बालू भरने के बाद चलते समय रामनरेश उर्फ रजउवा भुर्जी पास के अरहर के खेत से निकलकर आया और साथ गांव चलने को कहा। ट्रैक्टर में बैठकर दोनों ने गुटखा खाया।
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ट्रैक्टर चढ़ाई में पहुंचने पर राजन के साथ रहे तीन लोग ट्रैक्टर में आगे बैठ गए। इसी बीच रजउवा ने पीछे से राजन को 315 बोर तमंचे से गोली मार दी। पहली गोली लगने के बाद राजन को पता नहीं था कि रजउवा ने ही उसे गोली मारी है। उसने रजउवा से ही मदद की गुहार लगाई। इसी बीच रजउवा ने उतरकर सीने और सिर पर दो गोलियां मारीं। इसके तमंचा लहराते हुए वह भाग निकला।
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