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चीनी मिल लगे तो बढ़ेगी खुशहाली

Fri, 25 Jan 2013 05:30 AM IST
Banda
Banda Updated Fri, 25 Jan 2013 05:30 AM IST
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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपदों को चीनी मिल स्थापना के लिए चिह्नित किए जाने के प्रदेश सरकार के फैसले से यहां गन्ना उत्पादन बढ़ने के आसार हैं। इससे इस क्षेत्र में खुशहाली बढ़ सकती है क्योंकि कई अन्य रोजगारों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। फिलहाल यह मंडल गन्ना उत्पादन में फिसड्डी है। यहां मुख्य फसल धान व गेहूं की है। हमीरपुर व महोबा जनपद में एक हजार हेक्टेयर के ऊपर क्षेत्रफल में गन्ना होता है। बांदा में 461 व चित्रकूट जनपद में महज 109 हेक्टेयर में गन्ना की खेती होती है। मंडल में चीनी मिल न होने से किसान इस फसल को लेकर कोई खास रुचि नहीं रखते।
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गुरुवार को हुई केबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 24 जिलों में चीनी मिल लगाने पर सहमति दी है। इनमें चित्रकूटधाम मंडल के सभी जिले शामिल हैं। प्राइवेट सेक्टर को मिल लगाने व संचालन के लिए सरकार से खास प्रोत्साहन मिलेगा। नई चीनी मिल लगने से मंडल के किसानों की खुशहाली बढ़ेगी। मंडल के किसी भी जिले में चीनी मिल न होने से गन्ना उत्पादन न के बराबर है। कुछ किसान घरेलू उपयोग के लिए गन्ना तैयार करते हैं और देशी कोल्हू से पेराई कर गुड़ का व्यवसाय करते हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक गन्ना उत्पादन में महोबा अव्वल व चित्रकूट सबसे पीछे है। फसली सीजन वर्ष 2009-10 में हमीरपुर में 1121, महोबा में 1978, बांदा में 781 तथा चित्रकूट में 235 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ना की खेती की गई। वहीं वर्ष 2010-11 में सभी जिलों में गन्ना उत्पादन क्षेत्रफल घट गया। हमीरपुर में 1002, महोबा में 1380, बांदा में 461 तथा चित्रकूट में महज 109 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ना की फसल हुई।
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