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भ्रष्टाचार रोकने के बताए तरीके
Banda
Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
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बांदा। ‘भारत धार्मिक देश है। यहां लोगों में अभी भी भगवान का डर है’। यह बात पंडित जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय प्रोफेसर डा. सतीश चंद्र त्रिपाठी ने ‘एकोनामिक संगोष्ठी’ में कही। ‘भ्रष्टाचार’ विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता भी हुई।
महाविद्यालय सभागार में बृहस्पतिवार को भ्रष्टाचार पर एकनॉमिक वार्षिक संगोष्ठी की शुरूआत प्राचार्य डा. नंदलाल शुक्ल ने सरस्वती चित्र पर माल्यार्पण से की। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार नासूर की तरह है। युवा पीढ़ी की जागरुकता से ही इसे रोका जा सकता है। इग्नू समन्वयक व महाविद्यालय प्रोफेसर डा. सतीशचंद्र त्रिपाठी ने कहा कि एकनॉमिक तौर पर अन्य देशों की अपेक्षा धर्म देश भारत में भ्रष्टाचार चरम पर नहीं है। इसके बाद पांच टीमों (ए, बी, सी, डी व ई) के बीच वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई। शिवानी व कल्पना आदि छात्राओं ने भ्रष्टाचार रोकने के उपाय बताए।
प्रतिभागी छात्राओं में सौम्या श्रीवास्तव व आंशी सिंह ने भ्रष्टाचार रोकने को सख्त कानून बनाने की पैरवी की। निर्णायक प्रोफेसर आदेश गुप्ता, प्रीती, प्रतिभा परिहार, राजीव सिंह व राजीव रहे। पीतांबर सिंह समेत महाविद्यालय के कई प्रोफेसर व छात्र उपस्थित रहे। प्राचार्य ने बताया कि परिणाम शुक्रवार को घोषित किया जाएगा।
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महाविद्यालय सभागार में बृहस्पतिवार को भ्रष्टाचार पर एकनॉमिक वार्षिक संगोष्ठी की शुरूआत प्राचार्य डा. नंदलाल शुक्ल ने सरस्वती चित्र पर माल्यार्पण से की। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार नासूर की तरह है। युवा पीढ़ी की जागरुकता से ही इसे रोका जा सकता है। इग्नू समन्वयक व महाविद्यालय प्रोफेसर डा. सतीशचंद्र त्रिपाठी ने कहा कि एकनॉमिक तौर पर अन्य देशों की अपेक्षा धर्म देश भारत में भ्रष्टाचार चरम पर नहीं है। इसके बाद पांच टीमों (ए, बी, सी, डी व ई) के बीच वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई। शिवानी व कल्पना आदि छात्राओं ने भ्रष्टाचार रोकने के उपाय बताए।
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प्रतिभागी छात्राओं में सौम्या श्रीवास्तव व आंशी सिंह ने भ्रष्टाचार रोकने को सख्त कानून बनाने की पैरवी की। निर्णायक प्रोफेसर आदेश गुप्ता, प्रीती, प्रतिभा परिहार, राजीव सिंह व राजीव रहे। पीतांबर सिंह समेत महाविद्यालय के कई प्रोफेसर व छात्र उपस्थित रहे। प्राचार्य ने बताया कि परिणाम शुक्रवार को घोषित किया जाएगा।
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