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धनतेरस पर बाजार आज रहेगा गुलजार
Banda
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
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बांदा। छोटी दीपावली (धनतेरस) का पर्व रविवार को परंपरागत रूप से मनाया जाएगा। सफाई व रंग-रोगन कर मकानों को पर्व के लिए लकदक कर दिया गया है। धनतेरस की खरीदारी के लिए सर्राफा, बर्तन, वाहनों और इलेक्ट्रानिक्स की दुकानें एक दिन पूर्व ही टेंट व रोशनी से आकर्षक ढंग से सज गई हैं। धनतेरस पर्व पर महिलाएं घरों की दरिद्रता व गरीबी दूर करने के लिए भगवान धनवंतरि की पूजा करेंगी।
शनिवार को बाजार रंग बिरंगी रोशनी में दुल्हन सी सजी नजर आई। आकर्षक ढंग से सजीं दुकानें व बाइक तथा कार के शोरूम धनतेरस पर्व आने का इशारा कर रही हैं। धनतेरस पर खरीदारी शुभ मानी जाती है। सर्राफा दुकानदारों ने ग्राहकों को लुभाने के लिए सर्राफा बाजार में हल्के और विशेष आइटम भी मंगाए गए हैं। लोग पर्व पर अपनी हैसियत व बजट के मुताबिक टीवी, फ्रिज, बर्तन, मोटरसाइकिल, कार व सोने-चांदी के सिक्के आदि की खरीदारी करते हैं। वहीं छोटी दीपावली से ग्रामीण इलाकों में दीवारी नृत्य का दौर शुरू हो जाएगा। गांव-गांव बच्चे व बड़े सभी ढोल की धुन पर दीवारी खेल खुशियों का इजहार करते हैं। महिलाएं भगवान धनवंतरि की स्थापना तथा पूजा अर्चना कर दरिद्रता दूर कर संपन्नता आने की कामना करेंगी। परीवा (दीवाली के दूसरे दिन) पर विभिन्न प्रकार के पकवान बनाकर भगवान धनवंतरि का भोग लगाएंगी। हालांकि महंगाई भी परेशान करेगी क्योंकि इस बार दीपावली के पारंपरिक पूजा व खाने के आइटम भी इससे अछूते नहीं हैं। गत वर्ष की अपेक्षा दामों में 10 से 20 रुपए प्रति किलो की बढ़ोत्तरी है। लइया 40 से 60 रुपए, खील 50 से 60 रुपए, चूरा 30 से 50, गट्टा 50 रुपए और खिलौना 50 से 60 रुपए में बिक रहा है।
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शनिवार को बाजार रंग बिरंगी रोशनी में दुल्हन सी सजी नजर आई। आकर्षक ढंग से सजीं दुकानें व बाइक तथा कार के शोरूम धनतेरस पर्व आने का इशारा कर रही हैं। धनतेरस पर खरीदारी शुभ मानी जाती है। सर्राफा दुकानदारों ने ग्राहकों को लुभाने के लिए सर्राफा बाजार में हल्के और विशेष आइटम भी मंगाए गए हैं। लोग पर्व पर अपनी हैसियत व बजट के मुताबिक टीवी, फ्रिज, बर्तन, मोटरसाइकिल, कार व सोने-चांदी के सिक्के आदि की खरीदारी करते हैं। वहीं छोटी दीपावली से ग्रामीण इलाकों में दीवारी नृत्य का दौर शुरू हो जाएगा। गांव-गांव बच्चे व बड़े सभी ढोल की धुन पर दीवारी खेल खुशियों का इजहार करते हैं। महिलाएं भगवान धनवंतरि की स्थापना तथा पूजा अर्चना कर दरिद्रता दूर कर संपन्नता आने की कामना करेंगी। परीवा (दीवाली के दूसरे दिन) पर विभिन्न प्रकार के पकवान बनाकर भगवान धनवंतरि का भोग लगाएंगी। हालांकि महंगाई भी परेशान करेगी क्योंकि इस बार दीपावली के पारंपरिक पूजा व खाने के आइटम भी इससे अछूते नहीं हैं। गत वर्ष की अपेक्षा दामों में 10 से 20 रुपए प्रति किलो की बढ़ोत्तरी है। लइया 40 से 60 रुपए, खील 50 से 60 रुपए, चूरा 30 से 50, गट्टा 50 रुपए और खिलौना 50 से 60 रुपए में बिक रहा है।
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