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बांदा की तर्ज पर पूरे प्रदेश में बच्चों के होंगे हस्ताक्षर
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बांदा। परिषदीय विद्यालयों में रोजाना बच्चों से भी उपस्थिति के हस्ताक्षर बनवाने की यहां के डीएम द्वारा की गई पहल प्रदेश के लिए नमूना बन गई। शासन ने इसे पूरे प्रदेश में लागू कर दिया है। मंगलवार (29 जनवरी) को बेसिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव ने इसके लिए शासनादेश जारी कर दिया है।
पिछले माह डीएम हीरा लाल ने जनपद के परिषदीय स्कूलों में यह व्यवस्था लागू कराई थी कि मिड-डे मील ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं के भी उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर करवाए जाएं। यहां इस पर अमल भी शुरू हो गया। यह पहल शासन को भी पसंद आ गई। शासनादेश में बांदा जनपद में छात्र-छात्राओं से प्रतिदिन हस्ताक्षर कराए जाने का हवाला देकर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि मिड-डे मील योजना से आच्छादित विद्यालयों में रोजाना रजिस्टर में बच्चों के हस्ताक्षर व्यवस्था लागू की जाए।
पहली व दूसरी कक्षा के जो बच्चे हस्ताक्षर करने में असमर्थ हैं उन्हें हस्ताक्षर करना सिखाया जाए। अथवा किसी वर्णमाला के अक्षर को सिखाकर उसी को हस्ताक्षर माना जाए। अपर मुख्य सचिव डा.प्रभात कुमार द्वारा जारी शासनादेश में कहा गया है कि निर्धारित प्रारूप पर रोजाना छात्र-छात्राओं से हस्ताक्षर कराना सुनिश्चित किया जाए।
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जो बच्चे अनुपस्थित रहते हैं उन्हें उसी दिन स्कूल समाप्ति से पहले लाल स्याही से अनुपस्थित मार्क किया जाए। शासनादेश में प्रारूप भी दिया गया है। उधर, अपनी पहल को शासन द्वारा मॉडल के रूप में अपनाए जाने पर डीएम हीरा लाल ने खुशी जताई है।
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पिछले माह डीएम हीरा लाल ने जनपद के परिषदीय स्कूलों में यह व्यवस्था लागू कराई थी कि मिड-डे मील ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं के भी उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर करवाए जाएं। यहां इस पर अमल भी शुरू हो गया। यह पहल शासन को भी पसंद आ गई। शासनादेश में बांदा जनपद में छात्र-छात्राओं से प्रतिदिन हस्ताक्षर कराए जाने का हवाला देकर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि मिड-डे मील योजना से आच्छादित विद्यालयों में रोजाना रजिस्टर में बच्चों के हस्ताक्षर व्यवस्था लागू की जाए।
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पहली व दूसरी कक्षा के जो बच्चे हस्ताक्षर करने में असमर्थ हैं उन्हें हस्ताक्षर करना सिखाया जाए। अथवा किसी वर्णमाला के अक्षर को सिखाकर उसी को हस्ताक्षर माना जाए। अपर मुख्य सचिव डा.प्रभात कुमार द्वारा जारी शासनादेश में कहा गया है कि निर्धारित प्रारूप पर रोजाना छात्र-छात्राओं से हस्ताक्षर कराना सुनिश्चित किया जाए।
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जो बच्चे अनुपस्थित रहते हैं उन्हें उसी दिन स्कूल समाप्ति से पहले लाल स्याही से अनुपस्थित मार्क किया जाए। शासनादेश में प्रारूप भी दिया गया है। उधर, अपनी पहल को शासन द्वारा मॉडल के रूप में अपनाए जाने पर डीएम हीरा लाल ने खुशी जताई है।