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इचौली ने चौपट कर दी भूरागढ़ फीडर की आपूर्ति
Updated Sat, 10 Nov 2018 10:12 PM IST
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बांदा। पड़ोसी जनपद हमीरपुर के इचौली गांव को भूरागढ़ फीडर से जोड़ देने पर मंडल मुख्यालय बांदा शहर के लगभग 12 इलाकों में बिजली और पानी का संकट पैदा हो गया है। 20 हजार से ज्यादा लोग परेशान हैं। इससे पावर कार्पोरेशन के प्रति रोष है।
केन नदी के उस पार स्थित 33/11 केवी भूरागढ़ सब स्टेशन से बांदा शहर के खुटला, निम्नीपार, केन नदी रोड, मर्दननाका, छिपटहरी सहित लगभग 12 इलाकों को आपूर्ति की जाती है। खास बात यह है कि इसी फीडर से जल संस्थान के इंटेकवेल और भूरागढ़ पंप स्टेशन जुड़े हैं, जो शहर के अधिकांश इलाकों को जलापूर्ति करते हैं।
मंडल मुख्यालय को काफी समय से 22 से 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन दिवाली के कुछ दिन पूर्व से भूरागढ़ फीडर से जुड़े इलाकों में आपूर्ति घटकर 16 से 18 घंटे रह गई है। दिन-रात बार-बार ट्रिपिंग से आपूर्ति ठप हो रही है। विशेषकर सुबह और शाम को जलापूर्ति के समय बिजली गुल हो जाती है।
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यह संकट भूरागढ़ फीडर से हमीरपुर जिले के इचौली गांव को जोड़ देने से हुआ है। इचौली और मटौंध की ग्रामीण लाइनों में दिन-रात फाल्ट और ट्रिपिंग हो रही है। इससे जलापूर्ति भी प्रभावित है। पानी का संकट हो गया है। इससे उपभोक्ताओं में पनप रहा रोष आंदोलन का रूप ले सकता है।
इस बाबत अधिशासी अभियंता (वितरण खंड) का कहना है कि उन्होंने शुरू में ही इचौली को जोड़े जाने पर आपत्ति जताई थी, लेकिन यह कार्रवाई ऊपर से हुई है। उन्होंने लाइन और कंडेक्टर बदलने के लिए प्रस्ताव मुख्य अभियंता के माध्यम से पावर कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक को भेज दिया है। उधर, मुख्य अभियंता पीके भारद्वाज ने बताया कि उन्हें इस समस्या की जानकारी हो गई है। जल्द ही इसे दुरुस्त कराएंगे।
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केन नदी के उस पार स्थित 33/11 केवी भूरागढ़ सब स्टेशन से बांदा शहर के खुटला, निम्नीपार, केन नदी रोड, मर्दननाका, छिपटहरी सहित लगभग 12 इलाकों को आपूर्ति की जाती है। खास बात यह है कि इसी फीडर से जल संस्थान के इंटेकवेल और भूरागढ़ पंप स्टेशन जुड़े हैं, जो शहर के अधिकांश इलाकों को जलापूर्ति करते हैं।
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मंडल मुख्यालय को काफी समय से 22 से 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन दिवाली के कुछ दिन पूर्व से भूरागढ़ फीडर से जुड़े इलाकों में आपूर्ति घटकर 16 से 18 घंटे रह गई है। दिन-रात बार-बार ट्रिपिंग से आपूर्ति ठप हो रही है। विशेषकर सुबह और शाम को जलापूर्ति के समय बिजली गुल हो जाती है।
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यह संकट भूरागढ़ फीडर से हमीरपुर जिले के इचौली गांव को जोड़ देने से हुआ है। इचौली और मटौंध की ग्रामीण लाइनों में दिन-रात फाल्ट और ट्रिपिंग हो रही है। इससे जलापूर्ति भी प्रभावित है। पानी का संकट हो गया है। इससे उपभोक्ताओं में पनप रहा रोष आंदोलन का रूप ले सकता है।
इस बाबत अधिशासी अभियंता (वितरण खंड) का कहना है कि उन्होंने शुरू में ही इचौली को जोड़े जाने पर आपत्ति जताई थी, लेकिन यह कार्रवाई ऊपर से हुई है। उन्होंने लाइन और कंडेक्टर बदलने के लिए प्रस्ताव मुख्य अभियंता के माध्यम से पावर कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक को भेज दिया है। उधर, मुख्य अभियंता पीके भारद्वाज ने बताया कि उन्हें इस समस्या की जानकारी हो गई है। जल्द ही इसे दुरुस्त कराएंगे।