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Banda News: ई-केवाईसी से 67 हजार उपभोक्ता अब भी पीछे
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बांदा। गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी और आधार प्रमाणीकरण में जिले के करीब 67 हजार उपभोक्ता अब भी पीछे हैं। जिले में करीब 3.05 लाख घरेलू गैस उपभोक्ता हैं।
इनमें से करीब 2.37 लाख यानी 78 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने प्रक्रिया पूरी करा ली है, जबकि करीब 22 प्रतिशत उपभोक्ता अभी इससे बाहर हैं। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए अब आखिरी दिनों में ई-केवाईसी और आधार प्रमाणीकरण पूरा कराना जरूरी हो गया है। एक अक्तूबर से सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी रिफिल की बुकिंग के लिए बायोमीट्रिक आधार प्रमाणीकरण जरूरी होगा।
गैस एजेंसियों की ओर से उपभोक्ताओं को आधार प्रमाणीकरण पूरा कराने के लिए समय दिया गया था जो अब बढ़कर 30 सितंबर हो गई है। एक अक्तूबर से व्यवस्था में बदलाव लागू होगा। जिन उपभोक्ताओं का बायोमीट्रिक आधार प्रमाणीकरण पहले से पूरा है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया कराने की जरूरत नहीं होगी और उनके रिफिल पहले की तरह मिलते रहेंगे। जिनका प्रमाणीकरण नहीं हुआ है उन्हें प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही सब्सिडी के साथ तय रेट पर रिफिल बुक करने की सुविधा मिलेगी।
करीब 67 हजार उपभोक्ताओं के सामने अब समय पर प्रमाणीकरण कराने की चुनौती है। अंतिम दिनों में गैस एजेंसियों पर भीड़ बढ़ने की आशंका है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को समय रहते प्रक्रिया पूरी कराने की जरूरत है ताकि रिफिल लेते समय उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना न करना पड़े।
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घर बैठे भी हो सकता है प्रमाणीकरण
उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। तेल कंपनियों के मोबाइल एप के माध्यम से भी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। गैस की डिलीवरी के दौरान डिलीवरी कर्मी के माध्यम से भी मौके पर आधार प्रमाणीकरण कराया जा सकता है। इसके अलावा उपभोक्ता गैस वितरक के कार्यालय पहुंचकर भी प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं। इंडेन उपभोक्ताओं के लिए इंडियन ऑयल वन, भारत गैस के लिए हेलो बीपीसीएल और एचपी गैस के लिए एचपी पे एप के जरिए यह सुविधा उपलब्ध है।
बिना ई-केवाईसी भी गैस मिलेगी लेकिन सब्सिडी नहीं मिलेगी
जिन उपभोक्ताओं ने बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण यानी ई-केवाईसी नहीं कराया है, उनके लिए एलपीजी पूरी तरह बंद नहीं होगी। ऐसे उपभोक्ता अपनी पसंद दर्ज कराकर स्थानीय उपलब्धता के आधार पर पांच या 10 किलोग्राम के सिलिंडर बाजार मूल्य पर, बिना सब्सिडी के ले सकेंगे। यानी प्रमाणीकरण नहीं कराने का सीधा असर सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी के लाभ पर पड़ेगा।
एक अक्तूबर से पहले करा लें प्रक्रिया
जिले में अभी करीब 67 हजार उपभोक्ताओं का प्रक्रिया से बाहर होना बड़ी संख्या है। ऐसे में गैस एजेंसियों और उपभोक्ताओं दोनों के सामने अंतिम दिनों में दबाव बढ़ सकता है। उपभोक्ताओं को किसी असुविधा से बचने के लिए एक अक्तूबर से पहले आधार प्रमाणीकरण पूरा कराने की सलाह दी गई है।
फिलहाल शासन ने 30 सितंबर तक तारीख बढ़ा दी है। वर्तमान में घरेलू गैस सिलिंडर (14.2 किलोग्राम) की कीमत 974 रुपये है। एक किलोग्राम गैस 68.59 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से दी जा रही है। 30 सितंबर तक ई-केवाईसी नहीं होने पर यही गैस 2086 रुपये की मिलेगी। तब उपभोक्ताओं को 146 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से कीमत चुकानी पड़ेगी। यानी एक सिलिंडर पर 1109 रुपये अधिक देने होंगे।
वर्जन
सभी गैस उपभोक्ता 30 सितंबर तक ई-केवीआईसी प्रक्रिया पूरी कर लें। यह आसान प्रक्रिया है और एक से दो मिनट के अंदर पूरी हो जाती है। उपभोक्ता किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें। जनपद में तीन लाख सामान्य और एक लाख के करीब उज्ज्वला योजना के उपभोक्ता हैं।- कयामुद्दीन अंसारी, जिला पूर्ति अधिकारी बांदा।
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इनमें से करीब 2.37 लाख यानी 78 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने प्रक्रिया पूरी करा ली है, जबकि करीब 22 प्रतिशत उपभोक्ता अभी इससे बाहर हैं। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए अब आखिरी दिनों में ई-केवाईसी और आधार प्रमाणीकरण पूरा कराना जरूरी हो गया है। एक अक्तूबर से सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी रिफिल की बुकिंग के लिए बायोमीट्रिक आधार प्रमाणीकरण जरूरी होगा।
गैस एजेंसियों की ओर से उपभोक्ताओं को आधार प्रमाणीकरण पूरा कराने के लिए समय दिया गया था जो अब बढ़कर 30 सितंबर हो गई है। एक अक्तूबर से व्यवस्था में बदलाव लागू होगा। जिन उपभोक्ताओं का बायोमीट्रिक आधार प्रमाणीकरण पहले से पूरा है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया कराने की जरूरत नहीं होगी और उनके रिफिल पहले की तरह मिलते रहेंगे। जिनका प्रमाणीकरण नहीं हुआ है उन्हें प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही सब्सिडी के साथ तय रेट पर रिफिल बुक करने की सुविधा मिलेगी।
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करीब 67 हजार उपभोक्ताओं के सामने अब समय पर प्रमाणीकरण कराने की चुनौती है। अंतिम दिनों में गैस एजेंसियों पर भीड़ बढ़ने की आशंका है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को समय रहते प्रक्रिया पूरी कराने की जरूरत है ताकि रिफिल लेते समय उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना न करना पड़े।
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घर बैठे भी हो सकता है प्रमाणीकरण
उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। तेल कंपनियों के मोबाइल एप के माध्यम से भी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। गैस की डिलीवरी के दौरान डिलीवरी कर्मी के माध्यम से भी मौके पर आधार प्रमाणीकरण कराया जा सकता है। इसके अलावा उपभोक्ता गैस वितरक के कार्यालय पहुंचकर भी प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं। इंडेन उपभोक्ताओं के लिए इंडियन ऑयल वन, भारत गैस के लिए हेलो बीपीसीएल और एचपी गैस के लिए एचपी पे एप के जरिए यह सुविधा उपलब्ध है।
बिना ई-केवाईसी भी गैस मिलेगी लेकिन सब्सिडी नहीं मिलेगी
जिन उपभोक्ताओं ने बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण यानी ई-केवाईसी नहीं कराया है, उनके लिए एलपीजी पूरी तरह बंद नहीं होगी। ऐसे उपभोक्ता अपनी पसंद दर्ज कराकर स्थानीय उपलब्धता के आधार पर पांच या 10 किलोग्राम के सिलिंडर बाजार मूल्य पर, बिना सब्सिडी के ले सकेंगे। यानी प्रमाणीकरण नहीं कराने का सीधा असर सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी के लाभ पर पड़ेगा।
एक अक्तूबर से पहले करा लें प्रक्रिया
जिले में अभी करीब 67 हजार उपभोक्ताओं का प्रक्रिया से बाहर होना बड़ी संख्या है। ऐसे में गैस एजेंसियों और उपभोक्ताओं दोनों के सामने अंतिम दिनों में दबाव बढ़ सकता है। उपभोक्ताओं को किसी असुविधा से बचने के लिए एक अक्तूबर से पहले आधार प्रमाणीकरण पूरा कराने की सलाह दी गई है।
फिलहाल शासन ने 30 सितंबर तक तारीख बढ़ा दी है। वर्तमान में घरेलू गैस सिलिंडर (14.2 किलोग्राम) की कीमत 974 रुपये है। एक किलोग्राम गैस 68.59 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से दी जा रही है। 30 सितंबर तक ई-केवाईसी नहीं होने पर यही गैस 2086 रुपये की मिलेगी। तब उपभोक्ताओं को 146 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से कीमत चुकानी पड़ेगी। यानी एक सिलिंडर पर 1109 रुपये अधिक देने होंगे।
वर्जन
सभी गैस उपभोक्ता 30 सितंबर तक ई-केवीआईसी प्रक्रिया पूरी कर लें। यह आसान प्रक्रिया है और एक से दो मिनट के अंदर पूरी हो जाती है। उपभोक्ता किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें। जनपद में तीन लाख सामान्य और एक लाख के करीब उज्ज्वला योजना के उपभोक्ता हैं।- कयामुद्दीन अंसारी, जिला पूर्ति अधिकारी बांदा।