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पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने पर 5 वर्ष की कैद
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बांदा। पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के जुर्म में पति को अदालत ने पांच वर्ष सश्रम कैद और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है।
बदौसा थाना क्षेत्र के उतरवा गांव निवासी चंद्रपाल निषाद पुत्र छोटा ने कमासिन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अपनी बेटी ज्ञानमती की शादी तीन वर्ष पूर्व कल्लू पुरवा (खटान गांव) में रज्जन पुत्र मंगल के साथ की थी।
ससुराल में पति व ससुराल के लोग दहेज में मोटर साइकिल व 20 हजार रूपए की मांग करके प्रताड़ित करते रहे। बेटी ने अपनी हत्या की आंशका भी जताई थी। आरोप लगाया कि 5 अगस्त 2015 को ससुराल में आग लगाकर ज्ञानमती को जला कर मार दिया गया। पुलिस ने पति समेत सास और देवर के विरूद्ध धारा 498ए, 304 बी और दहेज अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली।
विवेचना के बाद पुलिस ने पति रज्जन को दोषी बताते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। आरोपी सास और देवर चुन्नू व छोटू को क्लीन चिट दे दी। 18 दिसंबर 2015 को यह केस एसीजेएम की अदालत सत्र न्यायालय भेज दिया गया। यहां अभियोजन की ओर सहायक शासकीय अधिवक्ता देवदत्त मिश्रा ने 6 गवाह पेश किए।
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बुधवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने इस केस का फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने पति रज्जन को धारा 306 आईपीसी में पांच वर्ष सश्रम कैद और 5 हजार जुर्माना का दंड दिया। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समाहित होगी। फैसला सुनाते समय आरोपी पति जेल से अदालत लाया गया था। उसे फिर जेल भेज दिया गया।
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बदौसा थाना क्षेत्र के उतरवा गांव निवासी चंद्रपाल निषाद पुत्र छोटा ने कमासिन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अपनी बेटी ज्ञानमती की शादी तीन वर्ष पूर्व कल्लू पुरवा (खटान गांव) में रज्जन पुत्र मंगल के साथ की थी।
ससुराल में पति व ससुराल के लोग दहेज में मोटर साइकिल व 20 हजार रूपए की मांग करके प्रताड़ित करते रहे। बेटी ने अपनी हत्या की आंशका भी जताई थी। आरोप लगाया कि 5 अगस्त 2015 को ससुराल में आग लगाकर ज्ञानमती को जला कर मार दिया गया। पुलिस ने पति समेत सास और देवर के विरूद्ध धारा 498ए, 304 बी और दहेज अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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विवेचना के बाद पुलिस ने पति रज्जन को दोषी बताते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। आरोपी सास और देवर चुन्नू व छोटू को क्लीन चिट दे दी। 18 दिसंबर 2015 को यह केस एसीजेएम की अदालत सत्र न्यायालय भेज दिया गया। यहां अभियोजन की ओर सहायक शासकीय अधिवक्ता देवदत्त मिश्रा ने 6 गवाह पेश किए।
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बुधवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने इस केस का फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने पति रज्जन को धारा 306 आईपीसी में पांच वर्ष सश्रम कैद और 5 हजार जुर्माना का दंड दिया। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समाहित होगी। फैसला सुनाते समय आरोपी पति जेल से अदालत लाया गया था। उसे फिर जेल भेज दिया गया।