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44 राजकीय विद्यालयों का होगा कायाकल्प
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44 government schools will be rejuvenated
- फोटो : BANDA
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बांदा। जिले के 44 राजकीय कॉलेजों का प्रोजेक्ट अलंकार योजना से कायाकल्प किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले चरण में समितियां गठित की गई हैं। जो विद्यालयों का निरीक्षण कर देखेंगी कि किस विद्यालय में क्या कमियां हैं? इनमें कुछ का जीर्णोद्धार और कुछ जर्जर भवनों का निर्माण भी कराया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के जिले में 44 राजकीय इंटर और हाईस्कूल विद्यालय संचालित हैं। कुछ खस्ताहाल में हैं तो कुछ ठीकठाक हैं। सभी का प्रोजेक्ट अलंकार से कायाकल्प किया जाएगा। इनमें खिड़की, दरवाजे से लेकर टायलेट, रंगाई-पुताई, बाउंड्री, पीने के पानी की व्यवस्था, दिव्यांग रैंप आदि शामिल है।
खस्ताहाल विद्यालयों को चिह्नित करने के लिए समितियां और उप समितियां बनाई गई हैं। इसमें एसडीएम अध्यक्ष, तहसीलदार सदस्य, राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सदस्य सचिव व लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) का नामित अधिकारी तकनीकी सदस्य शामिल है।
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डीआईओएस विनोद सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर तहसीलवार समितियां बनाईं गई हैं। यह समितियां विद्यालयों का निरीक्षण कर उनमें कमियां देखेंगे। जीर्णोद्धार या मरम्मत योग्य वाले भवनों में भी कार्य होगा।
राजकीय इंटर कॉलेज प्राथमिकता पर
डीआईओएस ने बताया कि शहर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज भवन निष्प्रयोज्य घोषित है। अंग्रेजों के शासन काल में निर्मित इस भवन में अब कक्षाएं नहीं संचालित की जाती हैं। कुछ नए कमरों और मैदान में कक्षाएं लग रही हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत उसे भी शामिल किया जाएगा। यहां पुनर्निर्माण कराया जाएगा।
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माध्यमिक शिक्षा विभाग के जिले में 44 राजकीय इंटर और हाईस्कूल विद्यालय संचालित हैं। कुछ खस्ताहाल में हैं तो कुछ ठीकठाक हैं। सभी का प्रोजेक्ट अलंकार से कायाकल्प किया जाएगा। इनमें खिड़की, दरवाजे से लेकर टायलेट, रंगाई-पुताई, बाउंड्री, पीने के पानी की व्यवस्था, दिव्यांग रैंप आदि शामिल है।
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खस्ताहाल विद्यालयों को चिह्नित करने के लिए समितियां और उप समितियां बनाई गई हैं। इसमें एसडीएम अध्यक्ष, तहसीलदार सदस्य, राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सदस्य सचिव व लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) का नामित अधिकारी तकनीकी सदस्य शामिल है।
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डीआईओएस विनोद सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर तहसीलवार समितियां बनाईं गई हैं। यह समितियां विद्यालयों का निरीक्षण कर उनमें कमियां देखेंगे। जीर्णोद्धार या मरम्मत योग्य वाले भवनों में भी कार्य होगा।
राजकीय इंटर कॉलेज प्राथमिकता पर
डीआईओएस ने बताया कि शहर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज भवन निष्प्रयोज्य घोषित है। अंग्रेजों के शासन काल में निर्मित इस भवन में अब कक्षाएं नहीं संचालित की जाती हैं। कुछ नए कमरों और मैदान में कक्षाएं लग रही हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत उसे भी शामिल किया जाएगा। यहां पुनर्निर्माण कराया जाएगा।