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मंडल में 30 हजार बेरोजगार युवाओं का टूटा भरोसा
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 06 Feb 2017 11:49 PM IST
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बेरोजगार
- फोटो : प्रतीकात्मक फोटो
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सेवायोजन कार्यालय से अब बेरोजगारों को रोजगार मिलने का भरोसा कम होता जा रहा है। रोजगार की चाहत में कार्यालय में पंजीयन कराने वाले करीब 30 हजार युवाओं को न तो शासन की ओर से नौकरी मिली और न ही किसी प्रकार का लाभ हुआ। इस साल मंडल में 30 हजार से ज्यादा शिक्षित युवाओं ने किनारा कर लिया। इन युवाओं ने अपना पंजीयन रिन्यूवल ही नहीं कराया।
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चित्रकूटधाम मंडल में मार्च 2013 में 42 हजार 37 बेरोजगार लाभार्थियों सेवा योजन कार्यालय में पंजीयन कराया था। बांदा में 15,539, हमीरपुर में 10,984, महोबा में 7,251 और चित्रकूट जनपद में 8,388 लाभार्थी शामिल हैं। प्रदेश की सरकार की ओर से युवाओं को हर माह एक हजार रुपये भत्ता देने की घोषणा के बाद तो पंजीयन कराने वालों की होड़ लग गई। पंजीयन कराने वाले शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार दिलाने में भी सेवा योजन कार्यालय नाकाम रहा।
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किसी भी सरकारी और अर्द्ध सरकारी कंपनी व विभागों में पहले जगह निकलती थी तो इसकी जानकारी सेवा योजन कार्यालय पहुंचती थी। परीक्षा कराने के बाद यहीं से उन्हें रोजगार मिल जाता था। विभाग की ओर से अभ्यर्थियों को बुलाया जाता था। लेकिन अब यह सब बंद हो गया है। यहां पंजीयन कराने वाले हजारों बेरोजगार रोजगार की चाहत में बैठे रह जाते हैं। समय बीतने के साथ उम्र भी ढल जाती है। रोजगार के नाम पर कोई मददगार नहीं बन पाता।
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जबकि पंजीयन कराने से लेकर रिन्यूवल तक 50-60 रुपये का खर्च आता है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो तीन साल पहले करीब 42,037 हजार युवाओं ने पंजीयन कराया था। रोजगार नहीं मिला तो करीब 30 हजार युवाओं ने इस बार रजिस्ट्रेशन रिन्यूवल नहीं कराया। इस दफ्तर में तैनात अधिकारी की ड्यूटी कहीं न कहीं लगा दी जाती है। इससे उनका काम चल जाता है। लेकिन कर्मचारी दिन भर दफ्तर में बैठे रहते हैं। इनके पास कोई काम नहीं रहता।
दरअसल, अब आनलाइन सिस्टम कर दिया गया है। विभाग में पंजीयन या फिर रिन्यूवल कराने वाले बेरोजगारों को 50-60 रुपये खर्च करके अपने नजदीकी साइबर कैफ से यह काम कर लेते हैं। कौशलेंद्र सिंह, अपर निदेशक, क्षेत्रीय सेवा योजन कार्यालय, चित्रकूटधाम मंडल ने कहा कि कानपुर व अन्य दूर-दराज महानगरों से अर्द्ध सरकारी कंपनियों को बुलवाकर रोजगार मेला लगवाए गए हैं। करीब दो हजार लोगों को रोजगार दिलाया जा चुका है। अब कहीं भर्ती निकलती है तो आनलाइन या फिर अखबार में प्रकाशित हो जाता है। यह जरूर है कि काफी संख्या में लोगों ने रिन्यूवल नहीं कराया है। लेकिन नए लोग अपना पंजीयन करा रहे हैं।