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पूर्व विधायक बृजेश का मकान गिराने पर 25 तक रोक

Tue, 19 Apr 2022 11:20 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 19 Apr 2022 11:20 PM IST
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25 ban on demolishing former MLA Brijesh's house
बांदा। तिंदवारी से पूर्व विधायक बृजेश कुमार प्रजापति के शहर के बिजली खेड़ा स्थित आवास को गिराने पर 25 अप्रैल तक रोक लगा दी गई है। प्राधिकरण ने 18 अप्रैल को पूर्व विधायक को 190 वर्ग मीटर के आवास को अवैध निर्माण बताते हुए नोटिस जारी किया था। इस पर मंडलायुक्त ने विकास प्राधिकरण को नोटिस जारी करते हुए 25 अप्रैल को फाइल तलब की है। इसके पूर्व 22 मार्च को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। प्राधिकरण का कहना है कि पूर्व विधायक निर्माण संबंधी वैध अभिलेख नहीं पेश कर पाए।
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प्रजापति विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा छोड़कर सपा में आ गए थे। सपा ने उन्हें तिंदवारी से टिकट देकर प्रत्याशी बनाया था। हालांकि वह चुनाव हार गए। बस, इसी के बाद प्राधिकरण ने उनके बिजली खेड़ा (जेएन कॉलेज रोड में) बने आवास में फ्रंट व साइड सेट बैक, बेसमेंट, भूतल, प्रथम, द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ तल में अवैध निर्माण बताकर कारण बताओ नोटिस जारी कर सात अप्रैल तक जवाब मांगा था। इसके बाद प्राधिकरण ने यह मियाद बढ़ाकर 16 अप्रैल कर दी थी। पूर्व विधायक के अधिवक्ता ने प्राधिकरण अधिशासी अभियंता से मोहलत मांगी थी। लेकिन नहीं मिली। इस पर प्राधिकरण ने प्रजापति के आवास पर नोटिस चस्पा कर दिया और इसकी प्रतियां मंडलायुक्त और कोतवाली पुलिस को भेज दीं।
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इस पर पूर्व विधायक ने अधिवक्ता के माध्यम से मंडलायुक्त के न्यायालय में अर्जी दाखिल की। मंगलवार को इस पर सुनवाई हुई। पूर्व विधायक के अधिवक्ता ने कहा कि किसी भी एरिया को डेवलेपमेंट एरिया घोषित करने से पहले नियमत: गजट नोटिस जारी किया जाता है, जो नहीं किया गया। पूर्व विधायक का मकान पैतृक है और 1973 के पूर्व का बना हुआ है। तब बांदा में विकास प्राधिकरण नहीं था। पूर्व विधायक के अधिवक्ता ने आयुक्त से अनुरोध किया कि प्राधिकरण को अंतिम आदेश करने से रोका जाए। इस सुनवाई के बाद मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह ने मंगलवार को जारी आदेश में कहा कि अवर न्यायालय (विकास प्राधिकरण) से रिपोर्ट तलब कर उसे नोटिस जारी किया। अगली सुनवाई और पत्रावली की पेशी 25 अप्रैल को होगी। तब तक निर्माण न गिराया जाए।
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