फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   मंडल की 25 गोशालाओं की होगी सघन जांच

मंडल की 25 गोशालाओं की होगी सघन जांच

Sun, 31 Dec 2017 06:13 PM IST
Updated Sun, 31 Dec 2017 06:13 PM IST
विज्ञापन
मंडल की 25 गोशालाओं की होगी सघन जांच
बांदा। हर साल लाखों रुपये सरकारी अनुदान लेकर फर्जी गोशाला चलाने वालों की अब दाल नहीं गलेगी। गो सेवा आयोग चित्रकूटधाम मंडल में संचालित दो दर्जन गोशालाओं की जांच कराएगी। यह जांच तहसील, जिला और राज्य स्तर पर होगी। आयोग ने मंडलायुक्त से कमेटियों का गठन कर तत्काल जांच शुरू कराने को कहा है। 28 फरवरी तक वीडियोग्राफी के साथ सत्यापन रिपोर्ट तलब की है।
विज्ञापन

चित्रकूटधाम मंडल अन्ना जानवर शहर व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं। खेती में बैलों की उपयोगिता खत्म होने के बाद मंडल में अन्ना पशुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पशुपालन विभाग के सर्वे के मुताबिक मौजूदा में चारों जिलों में 2.13 लाख अन्ना मवेशी सड़कों पर छुट्टा विचरण कर रहे हैं। जबकि सरकार मंडल में पंजीकृत 25 गोशालाओं को हर साल लाखों रुपये अनुदान दे रही है। इन गोशालाओं में गिने-चुने गाय-बछड़े हैं। कोई भी गोशाला संचालक मानक पूरा नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन

फिर भी सरकारी पैसा हजम कर रहे हैं। शासन ने पंजीकृत गोशालाओं का सत्यापन कराने का निर्देश दिया है। गो सेवा आयोग ने मंडलायुक्त को पत्र भेजकर 28 फरवरी तक निर्धारित प्रारूप पर जांच आख्या मांगी है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वीपी सिंह के मुताबिक तहसील स्तरीय टीम उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित होगी। इसमें उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और बीडीओ सदस्य रहेंगे। पहली से 31 जनवरी तक वीडियोग्राफी के साथ सत्यापन करेगी। जिला स्तरीय समिति 15 फरवरी से 28 फरवरी तक करेगी। इसमें अपर जिलाधिकारी अध्यक्ष होंगे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सदस्य सचिव व बीडीओ और पशु चिकित्साधिकारी सदस्य होंगे। 28 फरवरी तक गो सेवा आयोग को संस्तुति सहित भरण-पोषण अनुदान की रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद गो सेवा आयोग अध्यक्ष खुद अपने स्तर से पहली मार्च से 31 मार्च तक गोशालाओं की रेंडम जांच करेंगे। यह रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। 15 से 31 मार्च तक जांच व मानक में खरे मिलने वाले गोशाला संचालकों को अनुदान दिया जाएगा। यह पैसा उनके खाते में आरटीजीएस के जरिए जाएगा। प्रारूप एक, दो व तीन भेजे गए हैं। पशुपालन निदेशक डॉ. चरण सिंह यादव ने सत्यापन की वीडियोग्राफी अनिवार्य रूप से कराने को कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन





मंडल में संचालित गोशालाओं की स्थिति
बांदा (ब्यूरो)। चित्रकूटधाम मंडल में पंजीकृत 25 गोशालाएं अनुदानित हैं। इनमें 1626 अन्ना गाय हैं। बांदा में 11 गोशाला चल रही हैं। सबसे ज्यादा नहरी (नरैनी) में ब्रजकिशोर गौशाला में 121 गाय हैं। पैलानी, पिपरहरी व बिछवाही की गोशाला पूरी तरह सूनी है। चित्रकूट में 10 गोशाला हैं। सबसे ज्यादा स्वामी शोभन सरकार गो सेवा सदन एचवारा (चित्रकूट) में 500 गोवंश है। इसका मानक भी पूरा है। यहां क्रिटिकल गैप मद और सांसद निधि से मऊ, रामनगर और मानिकपुर में तीन गोशाला निर्माणाधीन हैं। हमीरपुर में तीन गोशाला सुमेरपुर, राठ व कुरारा में हैं। कुरारा में सबसे ज्यादा भुवनेश्वरी राजाराम गौशाला में 102 गाये हैं। महोबा में एक गोशाला खरेला में है। यहां एक भी मवेशी नहीं हैं।



सालाना मिलेंगे साढ़े 5 लाख
बांदा (ब्यूरो)। गो सेवा आयोग के मानकों पर खरे उतरने वाले गोशाला संचालकों को प्रति मवेशी 30 रुपये प्रतिदिन अनुदान मिलेगा। पशुपालन उप निदेशक डॉ.एके सिंह ने बताया कि एक गोशाला में 500 गायों का मानक है। 60 रुपये प्रति मवेशी हर रोज भरण-पोषण का खर्च है। 30 रुपये संचालक को लगाना होगा। यानी एक गोशाला संचालक को सालाना 5.40 लाख भरण पोषण का खर्च सरकार देगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed