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50 फीसदी मुनाफा जोड़कर मिले फसल के दाम
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बांदा। भारतीय किसान यूनियन की चित्रकूटधाम मंडल यूनियन ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को अलग-अलग ज्ञापन भेजकर विभिन्न मांगें की हैं।
प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि बुंदेलखंड दैवी आपदाओं से जूझ रहा है। यहां किसानों के सभी कर्ज माफ हों। पांच वर्ष तक ब्याज मुक्त कर्ज दिया जाए। डॉ. स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू हो। फसल के मूल्य में 50 फीसदी मुनाफा जोड़कर दरें निर्धारित की जाएं। न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम खरीद को अपराध घोषित किया जाए। कृषि वस्तुओं को जीएसटी से मुक्त, 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों को 5 हजार रुपये मासिक पेंशन, फसल बीमा, 10 हजार तक की सब्सिडी राशि सीधे खाते में भेजने जैसी मांगें शामिल हैं।
उधर, मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में लघु व सीमांत किसानों का दायरा बढ़ाने, पशु आश्रय स्थलों के नाम पर सरकारी पैसे में किए गए भ्रष्टाचार की जांच, किसानों को मुफ्त बिजली, किसानों की निजी भूमि पर पड़ी बालू मुफ्त बेचने का अधिकार देने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में मंडल अध्यक्ष वैद्यनाथ अवस्थी, जिलाध्यक्ष बलराम तिवारी सहित ब्रजेश सिंह, कमलनयन पटेल, महेंद्र सिंह, रामस्वरूप निषाद, सत्यराम द्विवेदी, राजू शुक्ल, ब्रम्हादेव मिश्रा, शकूर खां, महेंद्र त्रिपाठी, राजाराम भारती इत्यादि शामिल रहे।
किसान सेना ने बालू माफियाओं का किया विरोध
बांदा। भारतीय किसान सेना की गुरुवार को कालूकुआं स्थित केंद्रीय कार्यालय की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष रमाकांत मिश्र ने कहा कि अमारा गांव की जीवन रेखा कही जाने वाली चंद्रावल नदी पर बालू माफियाओं ने पुल बनाकर जलधारा रोक दी है। सिंचाई और जानवरों के पानी का संकट पैदा हो गया है।
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जबरन रास्ता निकालकर तालाब को भी नष्ट कर दिया है। फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। चेतावनी दी कि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई न की तो किसान सेना हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करेगी और इसके लिए आंदोलन करेगी। बैठक में ब्रजगोपाल पाठक, रमाकांत तिवारी, रामफल, रामसुधार, लखन राजपूत, दीपक, कल्लू भी शामिल रहे।
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प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि बुंदेलखंड दैवी आपदाओं से जूझ रहा है। यहां किसानों के सभी कर्ज माफ हों। पांच वर्ष तक ब्याज मुक्त कर्ज दिया जाए। डॉ. स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू हो। फसल के मूल्य में 50 फीसदी मुनाफा जोड़कर दरें निर्धारित की जाएं। न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम खरीद को अपराध घोषित किया जाए। कृषि वस्तुओं को जीएसटी से मुक्त, 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों को 5 हजार रुपये मासिक पेंशन, फसल बीमा, 10 हजार तक की सब्सिडी राशि सीधे खाते में भेजने जैसी मांगें शामिल हैं।
उधर, मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में लघु व सीमांत किसानों का दायरा बढ़ाने, पशु आश्रय स्थलों के नाम पर सरकारी पैसे में किए गए भ्रष्टाचार की जांच, किसानों को मुफ्त बिजली, किसानों की निजी भूमि पर पड़ी बालू मुफ्त बेचने का अधिकार देने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में मंडल अध्यक्ष वैद्यनाथ अवस्थी, जिलाध्यक्ष बलराम तिवारी सहित ब्रजेश सिंह, कमलनयन पटेल, महेंद्र सिंह, रामस्वरूप निषाद, सत्यराम द्विवेदी, राजू शुक्ल, ब्रम्हादेव मिश्रा, शकूर खां, महेंद्र त्रिपाठी, राजाराम भारती इत्यादि शामिल रहे।
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किसान सेना ने बालू माफियाओं का किया विरोध
बांदा। भारतीय किसान सेना की गुरुवार को कालूकुआं स्थित केंद्रीय कार्यालय की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष रमाकांत मिश्र ने कहा कि अमारा गांव की जीवन रेखा कही जाने वाली चंद्रावल नदी पर बालू माफियाओं ने पुल बनाकर जलधारा रोक दी है। सिंचाई और जानवरों के पानी का संकट पैदा हो गया है।
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जबरन रास्ता निकालकर तालाब को भी नष्ट कर दिया है। फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। चेतावनी दी कि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई न की तो किसान सेना हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करेगी और इसके लिए आंदोलन करेगी। बैठक में ब्रजगोपाल पाठक, रमाकांत तिवारी, रामफल, रामसुधार, लखन राजपूत, दीपक, कल्लू भी शामिल रहे।