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मंडल में 5000 युवा सीखेंगे आपदा मोचन के गुर
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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के पांच हजार युवा दैवी आपदाओं से निपटने के गुर सीखेंगे। उन्हें इसका प्रशिक्षण राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) देगी। यह प्रशिक्षण मंगलवार (12 मार्च) से शुरू होगा। इसके लिए एनडीआरएफ की 11वीं बटालियन (वाराणसी) ने यहां आमद दर्ज करा ली है।
दैवी आपदा कभी भी आ सकती है। इनसे निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर मदद नहीं मिल पाती। पुलिस या सेना की मदद आने तक काफी देर हो चुकी होती है और अक्सर काफी नुकसान पहुंचता है। बुंदेलखंड भी इससे अछूता नहीं है। इसी के मद्देनजर अब यहां भी एनडीआरएफ ने युवाओं को प्रशिक्षित करने की योजना लागू की है।
यह युवा स्कूल व कालेजों के एनसीसी कैडेट्स और छात्र-छात्राएं तथा नेहरु युवा केंद्र के होंगे। एनडीआरएफ (वाराणसी) के उप कमांडेंट (प्रचालन) असीम उपाध्याय ने बताया कि देश व प्रदेश में दैवी आपदा होने पर लोग जानकारी के अभाव में अपना व दूसरों का बचाव नहीं कर पाते हैं। प्रतिवर्ष लाखों की जनधन हानि होती है।
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रक्षा मंत्रालय के निर्देश पर देशभर में दैवी आपदाओं से निपटने के लिए क्षेत्रीय युवाओं को तैयार किया जा रहा है। बुंदेलखंड में युवाओं को प्रशिक्षित करने का दायित्व दो कंपनी के 88 जवानों को दिया गया है। चित्रकूटधाम मंडल में युवाओं को 12 से 18 मार्च तक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
तीन चरणों में होगा प्रशिक्षण
बांदा। युवाओं को तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रथम चरण में तीन दिन तक भौगोलिक स्थिति की जानकारी दी जाएगी। दूसरे चरण में सूचना संग्रहण व नक्शा आदि बनाने का काम होगा। तीसरे चरण में आपदा प्रबंधन व बचाव की अत्याधुनिक ट्रेनिंग दी जाएगी। ब्यूरो
बचाने और बचने की मिलेगी जानकारी
बांदा। एक सप्ताह के प्रशिक्षण में युवाओं को बाढ़, अग्निकांड, भूकंप आदि के दौरान फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और बचाने तथा खुद की सुरक्षा के टिप्स दिए जाएंगे। उन्हें जनपद की भौगोलिक स्थिति, प्राचीन मंदिर, इमारतें, रेलवे स्टेशन, नदी-नालों आदि का लोकेशन और उनके नक्शे उपलब्ध कराए जाएंगे।
आज से छह दिवसीय प्रशिक्षण की शुरूआत, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल देगा ट्रेनिंग
वाराणसी की आपदा मोचन बल यूनिट बांदा पहुंची
अमर उजाला ब्यूरो
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दैवी आपदा कभी भी आ सकती है। इनसे निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर मदद नहीं मिल पाती। पुलिस या सेना की मदद आने तक काफी देर हो चुकी होती है और अक्सर काफी नुकसान पहुंचता है। बुंदेलखंड भी इससे अछूता नहीं है। इसी के मद्देनजर अब यहां भी एनडीआरएफ ने युवाओं को प्रशिक्षित करने की योजना लागू की है।
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यह युवा स्कूल व कालेजों के एनसीसी कैडेट्स और छात्र-छात्राएं तथा नेहरु युवा केंद्र के होंगे। एनडीआरएफ (वाराणसी) के उप कमांडेंट (प्रचालन) असीम उपाध्याय ने बताया कि देश व प्रदेश में दैवी आपदा होने पर लोग जानकारी के अभाव में अपना व दूसरों का बचाव नहीं कर पाते हैं। प्रतिवर्ष लाखों की जनधन हानि होती है।
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रक्षा मंत्रालय के निर्देश पर देशभर में दैवी आपदाओं से निपटने के लिए क्षेत्रीय युवाओं को तैयार किया जा रहा है। बुंदेलखंड में युवाओं को प्रशिक्षित करने का दायित्व दो कंपनी के 88 जवानों को दिया गया है। चित्रकूटधाम मंडल में युवाओं को 12 से 18 मार्च तक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
तीन चरणों में होगा प्रशिक्षण
बांदा। युवाओं को तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रथम चरण में तीन दिन तक भौगोलिक स्थिति की जानकारी दी जाएगी। दूसरे चरण में सूचना संग्रहण व नक्शा आदि बनाने का काम होगा। तीसरे चरण में आपदा प्रबंधन व बचाव की अत्याधुनिक ट्रेनिंग दी जाएगी। ब्यूरो
बचाने और बचने की मिलेगी जानकारी
बांदा। एक सप्ताह के प्रशिक्षण में युवाओं को बाढ़, अग्निकांड, भूकंप आदि के दौरान फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और बचाने तथा खुद की सुरक्षा के टिप्स दिए जाएंगे। उन्हें जनपद की भौगोलिक स्थिति, प्राचीन मंदिर, इमारतें, रेलवे स्टेशन, नदी-नालों आदि का लोकेशन और उनके नक्शे उपलब्ध कराए जाएंगे।
आज से छह दिवसीय प्रशिक्षण की शुरूआत, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल देगा ट्रेनिंग
वाराणसी की आपदा मोचन बल यूनिट बांदा पहुंची
अमर उजाला ब्यूरो