{"_id":"678d421563a004016b0fc4e3","slug":"when-they-got-advice-three-scattered-families-moved-together-balrampur-news-c-99-1-brp1008-119827-2025-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: मिली सलाह तो साथ-साथ चल पड़े तीन बिखरे परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: मिली सलाह तो साथ-साथ चल पड़े तीन बिखरे परिवार
Sun, 19 Jan 2025 11:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 19 Jan 2025 11:49 PM IST
विज्ञापन
बलरामपुर। छोटी- छोटी बातों पर बिखर रहे परिवारों को सहेजने में परिवार परामर्श केंद्र अहम भूमिका निभा रहा है। रविवार को महिला थाना परिसर में पारिवारिक विवादों की सुनवाई कर परामर्शदाताओं ने सुलह-समझौता कराया। 18 मामलों में तीन मामलों का निस्तारण हुआ। जिसमें एक साल से बिखरे तीन परिवार एक साथ रहने को राजी हो गए।
परामर्श केंद्र में पूर्व में आईं शिकायतों के आधार पर दोनों पक्षों को बुलाया गया था। सभी मामले पति- पत्नी से जुड़े रहे हैं। सुनवाई में कोतवाली नगर के एक मामले में पति के ध्यान न दिए जाने से दंपती में विवाद था। परामर्शदाताओं ने पूरी बात सुनी और पति-पत्नी को समझाया, आपसी समझ के बाद दोनों एक साथ जाने को तैयार हो गए। इसी तरह गैंडास बुजुर्ग थाना क्षेत्र और श्रीदत्तगंज थाना क्षेत्र एक-एक मामलों में समझौता हुआ। श्रीदत्तगंज थाना क्षेत्र के मामले में भी पति के अधिकतर समय बाहर रहने की बात आई। पति ने पूरा ध्यान रखने का भरोसा दिया। परामर्शदाता अरुण कुमार यादव, देवतादीन दुबे, वंदना मिश्रा, महिला थाना प्रभारी विनीता चतुर्वेदी व महिला कांस्टेबल मनीषा ने सुनवाई के दौरान आपस में मिलजुल कर रहने के तरीके बताए। साथ ही समझाया कि पारिवारिक तरक्की के लिए एक साथ रहना चाहिए। बच्चों के भविष्य पर पारिवारिक विवाद का असर पड़ता है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
15 मामलों के पक्षों को बुलाने के लिए दिए निर्देश
-- एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव ने बताया कि जिन 15 मामलों में समझौता नहीं हाे सका, उन्हें आगे सुना जाएगा। कुछ मामलों में दूसरे पक्ष से जुड़े अन्य लोग नहीं आ सके थे, उन्हें भी बुलाने के लिए संबंधित थानों को सूचना दी गई है। इसके अलावा जिन तीन मामलों में समझौता हुआ है, दोनों पक्ष की लिखापढ़ी करा ली गई है। प्रत्येक 15 दिनों में परिवार की खैरियत भी महिला थाने से जानी जाएगी। जिससे फिर किसी तरह का विवाद न होने पाए।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- --
विज्ञापन
परामर्श केंद्र में पूर्व में आईं शिकायतों के आधार पर दोनों पक्षों को बुलाया गया था। सभी मामले पति- पत्नी से जुड़े रहे हैं। सुनवाई में कोतवाली नगर के एक मामले में पति के ध्यान न दिए जाने से दंपती में विवाद था। परामर्शदाताओं ने पूरी बात सुनी और पति-पत्नी को समझाया, आपसी समझ के बाद दोनों एक साथ जाने को तैयार हो गए। इसी तरह गैंडास बुजुर्ग थाना क्षेत्र और श्रीदत्तगंज थाना क्षेत्र एक-एक मामलों में समझौता हुआ। श्रीदत्तगंज थाना क्षेत्र के मामले में भी पति के अधिकतर समय बाहर रहने की बात आई। पति ने पूरा ध्यान रखने का भरोसा दिया। परामर्शदाता अरुण कुमार यादव, देवतादीन दुबे, वंदना मिश्रा, महिला थाना प्रभारी विनीता चतुर्वेदी व महिला कांस्टेबल मनीषा ने सुनवाई के दौरान आपस में मिलजुल कर रहने के तरीके बताए। साथ ही समझाया कि पारिवारिक तरक्की के लिए एक साथ रहना चाहिए। बच्चों के भविष्य पर पारिवारिक विवाद का असर पड़ता है।
विज्ञापन
15 मामलों के पक्षों को बुलाने के लिए दिए निर्देश
विज्ञापन