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रूस-यूक्रेन युद्ध से गेहूं की खरीद प्रभावित

Mon, 18 Apr 2022 11:03 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 18 Apr 2022 11:03 PM IST
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Wheat procurement affected by Russo-Ukraine war
बलरामपुर। रूस-यूक्रेन युद्ध से सरकारी गेहूं खरीद पर ग्रहण लग गया है। अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में आढ़ती महंगे दामों में गेहूं खरीदकर डंप कर रहे हैं। सरकार की तरफ से गेहूं निर्यात की योजना बनाई गई है। इसमें आढ़तियों को अधिक लाभ होने की संभावना नजर आ रही है। इसी वजह से आढ़ती सरकारी रेट 2015 रुपये प्रति क्विंटल के सापेक्ष 2300 रुपये तक के रेट से किसानों से गेहूं खरीद रहे हैं। जिले में दो क्रय एजेंसियों के छह क्रय केंद्रों पर ही खरीद शुरू हुई है जबकि 49 क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। ऐसे में 15 जून तक 42 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करना तीनों क्रय एजेंसियों के लिए कड़ी चुनौती है।
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रबी क्रय वर्ष 2022-23 में 18 दिन बीतने के बाद भी गेहूं खरीद परवान नहीं चढ़ सकी है। तीनों क्रय एजेंसियों के लिए निर्धारित 55 क्रय केंद्रों की तुलना में सोमवार तक सिर्फ छह केंद्रों पर ही गेहूं खरीद शुरू हो सकी है। खाद्य विभाग के 13 क्रय केंद्रों के सापेक्ष पांच पर 12 हजार की तुलना में नौ किसानों से 9.94 लाख रुपये में 49.35 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा सका है, जबकि आठ क्रय केंद्रों पर अभी भी सन्नाटा है।
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पीसीएफ के 23 केंद्रों के सापेक्ष सिर्फ एक पर तीन किसानों से 4.77 लाख रुपये में 23.65 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है, जबकि 22 क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। यूपीएसएस के किसी भी केंद्र पर गेहूं खरीद शुरू नहीं हो सकी है, जबकि एजेंसी के लिए 19 क्रय केंद्रों पर 15 जून तक 14,000 मीट्रिक टन गेहूं खरीदने की चुनौती है। जिले में अभी तक 42 हजार की तुलना में सिर्फ 73 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा सका है। जिले में करीब 1800 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण तो कराया है, लेकिन सरकारी केंद्रों पर गेहूं की बिक्री करने नहीं जा रहे हैं।
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बातचीत में किसानों ने बताया कि जब आढ़तियों को अपना गेहूं 2300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेच रहे हैं तो सरकारी केंद्रों पर 2015 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं बेचने की क्या जरूरत है। जानकारों का मानना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते केंद्र सरकार अधिक मात्रा में गेहूं निर्यात करना चाहती है। ऐसे में आढ़तियों को भी लाभ की उम्मीद है। इसी वजह से आढ़ती सरकारी रेट से अधिक मूल्य पर गेहूं खरीदने में जुटे हैं।

डिप्टी आरएमओ नरेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि किसानों से सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने की अपील की जा रही है। अब गेहूं खरीद में तेजी आने वाली है। फसल तैयार हो चुकी है। गेहूं की शुद्ध तौल व किसानों की समस्याओं का निस्तारण कराने के लिए जिले के सभी केंद्रों पर पर्यवेक्षणीय अधिकारी तैनात हैं। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम संचालित है। कंट्रोल रूम प्रभारी व कनिष्ठ सहायक विकास कश्यप के मोबाइल नंबर 9473835266 पर सुबह 10 से सायं पांच बजे तक कार्य दिवस में फोन कर समस्या का निस्तारण करा सकते हैं।
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