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Balrampur News: सरकारी मदद नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने जुटाए 55 हजार, खरीदी नाव
Sat, 12 Jul 2025 10:47 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 12 Jul 2025 10:47 PM IST
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बलरामपुर। जब प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली तो ग्रामीणों ने खुद ही समाधान ढूंढ निकाला। गैसड़ी ब्लॉक के हरनहवा-बगनहवा गांव के निवासियों ने चंदा इकट्ठा कर 55 हजार रुपये में नाव खरीदी, जो अब बलरामपुर और सिद्धार्थनगर जनपदों की 40 हजार से अधिक आबादी का सहारा बन चुकी है।
हरनहवा-बगनहवा गांव के पास बूढ़ी राप्ती नदी और भांभर पहाड़ी नाले का मिलन होता है। बारिश के दौरान इनका जलस्तर अचानक बढ़ जाता है और विकराल रूप ले लेता है। इससे दो जनपदों के जहंदरिया, बगहिया, करगहिया, मनकी, मुरावनडीह, कोहरनडीह, हुब्बाडीह, अल्लानगर, चकवा, चाईडीह, बगनहा, पूर्वी व पश्चिमी डीह जैसे 36 से अधिक गांवों का संपर्क कट जाता है। गांव के सालिकराम निषाद, बच्चा राम, राज किशोर, लालमन, हनोमान व बच्चूलाल निषाद ने बताया कि बाढ़ के दौरान रोजमर्रा की जरूरतों जैसे राशन, दवा और इलाज तक की सुविधा बाधित हो जाती है। इस आपदा से निपटने के लिए नाव ही एकमात्र विकल्प बचता है। संवाद
हर घर से नाविक को दिया जाता है गेहूं
गांव के पूर्व प्रधान राजेंद्र भारती ने बताया कि नाव खरीदने के लिए ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से चंदा दिया। इसके बदले नाविक को प्रत्येक घर से सालाना 14 किलोग्राम गेहूं दिया जाता है। उन्होंने बताया कि पुल निर्माण के लिए कई बार अधिकारियों से मांग की गई। लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
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प्रशासन ने प्रस्ताव मांगा
ग्रामीणों ने पुल निर्माण के लिए मांगपत्र सौंपा है। इस संबंध में संबंधित विभागों को प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दे दिया गया है।
राकेश कुमार जयंत, एसडीएम तुलसीपुर
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हरनहवा-बगनहवा गांव के पास बूढ़ी राप्ती नदी और भांभर पहाड़ी नाले का मिलन होता है। बारिश के दौरान इनका जलस्तर अचानक बढ़ जाता है और विकराल रूप ले लेता है। इससे दो जनपदों के जहंदरिया, बगहिया, करगहिया, मनकी, मुरावनडीह, कोहरनडीह, हुब्बाडीह, अल्लानगर, चकवा, चाईडीह, बगनहा, पूर्वी व पश्चिमी डीह जैसे 36 से अधिक गांवों का संपर्क कट जाता है। गांव के सालिकराम निषाद, बच्चा राम, राज किशोर, लालमन, हनोमान व बच्चूलाल निषाद ने बताया कि बाढ़ के दौरान रोजमर्रा की जरूरतों जैसे राशन, दवा और इलाज तक की सुविधा बाधित हो जाती है। इस आपदा से निपटने के लिए नाव ही एकमात्र विकल्प बचता है। संवाद
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हर घर से नाविक को दिया जाता है गेहूं
गांव के पूर्व प्रधान राजेंद्र भारती ने बताया कि नाव खरीदने के लिए ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से चंदा दिया। इसके बदले नाविक को प्रत्येक घर से सालाना 14 किलोग्राम गेहूं दिया जाता है। उन्होंने बताया कि पुल निर्माण के लिए कई बार अधिकारियों से मांग की गई। लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
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प्रशासन ने प्रस्ताव मांगा
ग्रामीणों ने पुल निर्माण के लिए मांगपत्र सौंपा है। इस संबंध में संबंधित विभागों को प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दे दिया गया है।
राकेश कुमार जयंत, एसडीएम तुलसीपुर