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जल सत्याग्रह पर बैठे बाढ़ से परेशान ग्रामीण

Sun, 07 Jul 2019 10:24 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jul 2019 10:24 PM IST
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villager on jal satyagrah
बलरामपुर के रामगढ़ मैटहवा गांव के पास बाढ़ के पानी में खड़े होकर जल सत्यग्रह करते बाढ़ पीड़ित। - फोटो : BALRAMPUR
महराजगंज तराई (बलरामपुर)। प्रशासन की उदासीनता एवं ठेकेदार की मनमानी के कारण करीब 50 हजार आबादी बाढ़ का दंश झेल रही है। करीब दो दर्जन गांवों को बचाने के लिए बनवाया जा रहा बांध का निर्माण कार्य धीमी गति से होने के कारण एक माह के अंदर चार बार ग्रामीण बाढ़ के चपेट में आ चुके हैं।
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हजारों हेक्टेयर फसल जलमग्न होकर सड़ चुकी है। ठेकेदार की मनमानी के खिलाफ रविवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट गया। रामगढ़ मैटहवा में भरे बाढ़ के पानी में खड़े होकर सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और जल सत्याग्रह किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी हैै कि यदि शीघ्र ही बांध का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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बाढ़ पीड़ित पवन कुमार वर्मा, तुलाराम, बलराम, जगदम्बा प्रसाद, शादाब, धर्मेन्द्र कुमार, दिलदार, जीवन लाल, विजय, मुस्तफा, बड़का, पतिराम, देवीदयाल पांडेय, अतुल, वरुण कुुमार एवं छोटकऊ आदि ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि तुलसीपुर विकास खंड के ग्राम रामगढ़ मैटहवा, शांतिपुरवा, लोहेपनिया, साहेबनगर, हरिहरनगर, सहबिनिया, बल्दीडीह, दांदव, औरहिया, लहेरी, सुगानगर, जगरामपुरवा, दरिहारपुर, पाटेश्वरीनगर, कौवापुर बाजार व टेढ़वा सहित करीब दो दर्जन गांवों में बांध का निर्माण पूरा न होने के कारण एक माह के अंदर चार बार बाढ़ आ चुकी है।
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विदित हो कि इन गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए खरझार पुल से रामगढ़ मैटहवा गांव तक करीब डेढ़ किलोमीटर बांध का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य धीमी गति से कराया जा रहा है। विगत दिनों बाढ़ आ जाने से बांध का जो निर्माण कराया भी गया था वह भी बाढ़ के पानी में बह गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार मनमानी तरीके से बांध का निर्माण करा रहा है। इसकी शिकायत कई बार उच्चाधिकारियों से भी की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाढ़ के कारण तमाम कच्चे मकान गिरने के कगार पर पहुंच गए हैं। इन लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि एक माह के अंदर बांध का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो चक्का जाम कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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