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Balrampur News: 124 गोवंशों का टीकाकरण पूरा, हरे चारे के लिए किसानों से होगा अनुबंध
Fri, 25 Sep 2026 11:11 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 25 Sep 2026 11:11 PM IST
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फोटो-16- बलरामपुर के बांसेडीला गांव में पशुओं का टीकाकरण करती टीम। स्रोत विभाग
बलरामपुर। जिले के गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों के लिए हरे चारे की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय किसानों से अनुबंध किया जाएगा। पशुपालन विभाग के निदेशक प्रशासन एवं विकास राजेंद्र प्रसाद ने बांसेडीला और बलदेवनगर के अस्थायी गोआश्रय स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने गोवंशों के रखरखाव, चारे की उपलब्धता और टीकाकरण की स्थिति की जानकारी ली।
बांसेडीला गोआश्रय स्थल के निरीक्षण के दौरान 124 गोवंश संरक्षित मिले। अभिलेखों और मौके पर जांच के दौरान सभी 124 गोवंशों को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) और लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) से बचाव के टीके लगे पाए गए। यहां भूसा, दाना और हरा चारा भी उपलब्ध मिला। गोआश्रय स्थल में पांच दुधारू और 12 मादा गोवंश भी मिले। निदेशक ने पशुओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और बेहतर देखभाल के निर्देश दिए।
निदेशक ने जबदहा और बलदेवनगर में मोबाइल वेटरनरी यूनिट के माध्यम से लगाए गए पशु चिकित्सा एवं टीकाकरण शिविरों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यूनिट की टीम को निर्धारित रोस्टर के अनुसार सुबह-शाम शिविर लगाने और ग्रामीणों को गांव में ही पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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निरीक्षण के दौरान अपर निदेशक अरविंद कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी राजेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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बांसेडीला गोआश्रय स्थल के निरीक्षण के दौरान 124 गोवंश संरक्षित मिले। अभिलेखों और मौके पर जांच के दौरान सभी 124 गोवंशों को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) और लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) से बचाव के टीके लगे पाए गए। यहां भूसा, दाना और हरा चारा भी उपलब्ध मिला। गोआश्रय स्थल में पांच दुधारू और 12 मादा गोवंश भी मिले। निदेशक ने पशुओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और बेहतर देखभाल के निर्देश दिए।
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निदेशक ने जबदहा और बलदेवनगर में मोबाइल वेटरनरी यूनिट के माध्यम से लगाए गए पशु चिकित्सा एवं टीकाकरण शिविरों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यूनिट की टीम को निर्धारित रोस्टर के अनुसार सुबह-शाम शिविर लगाने और ग्रामीणों को गांव में ही पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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निरीक्षण के दौरान अपर निदेशक अरविंद कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी राजेश शर्मा आदि मौजूद रहे।