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Balrampur News: यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों को नहीं मिल रहीं किताबें
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बलरामपुर। माध्यमिक विद्यालयों में नवीन शैक्षिक सत्र के दो महीने बाद भी किताबें नहीं मिल पा रहीं हैं। यूपी बोर्ड के नए सत्र की कक्षा नौ से 12वीं तक की एनसीईआरटी की पुस्तकें बाजार में है ही नहीं। ऐसे में विद्यार्थी निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें खरीदने को मजबूर हैं।
जिले के 167 माध्यमिक विद्यालयों में एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है। इन विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। लेकिन नया सत्र शुरू होने के बाद भी कक्षा नौ से 12वीं तक की एनसीईआरटी किताबें अभी तक बाजारों में नहीं पहुंच सकी हैं। इसके बदले एनसीईआरटी कि पाठ्य पुस्तकों व पाठ्यक्रम पर आधारित निजी प्रकाशकों की पुस्तकों की बाजार में भरमार है। कक्षा नौ से 12वीं तक की एनसीईआरटी पुस्तकों का सेट 200 से 300 रुपये के बीच आ जाता है। जबकि निजी प्रकाशकों की किताबों का सेट 2000 से 3000 रुपये के बीच मिल रहा है। इनमें भी भौतिक, रसायन व जीव विज्ञान और गणित, अंग्रेजी की किताबें काफी महंगी हैं। विभाग के अनुसार यूपी बोर्ड की कक्षा नौ से 12वीं तक की एनसीईआरटी किताबों की टेंडर प्रक्रिया हो रही है, लेकिन अभी तक प्रकाशन निर्धारित नहीं किया गया है। जिसके चलते कक्षा नौ से 12वीं तक की एनसीईआरटी किताबों को दुकानदारों तक पहुंचने में जुलाई तक का समय लग सकता है। वहीं शिक्षकों का भी कहना है कि नया सत्र अप्रैल से शुरू तो हो जाता है। लेकिन हर बार किताबें जुलाई तक ही पहुंच पाती है। विभाग को इस बार और देर होने की उम्मीद है।
जल्द उपलब्ध हाेंगी किताबें
एनसीईआरटी की किताबों की आपूर्ति किए जाने की प्रक्रिया विभाग में चल रही है। जल्द ही बाजार में उपलब्ध हो जाएगी। पढ़ाई की व्यवस्था बनाने के निर्देश प्रधानाध्याकों को दिया गया है।
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मृदुला आनंद, डीआईओएस
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जिले के 167 माध्यमिक विद्यालयों में एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है। इन विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। लेकिन नया सत्र शुरू होने के बाद भी कक्षा नौ से 12वीं तक की एनसीईआरटी किताबें अभी तक बाजारों में नहीं पहुंच सकी हैं। इसके बदले एनसीईआरटी कि पाठ्य पुस्तकों व पाठ्यक्रम पर आधारित निजी प्रकाशकों की पुस्तकों की बाजार में भरमार है। कक्षा नौ से 12वीं तक की एनसीईआरटी पुस्तकों का सेट 200 से 300 रुपये के बीच आ जाता है। जबकि निजी प्रकाशकों की किताबों का सेट 2000 से 3000 रुपये के बीच मिल रहा है। इनमें भी भौतिक, रसायन व जीव विज्ञान और गणित, अंग्रेजी की किताबें काफी महंगी हैं। विभाग के अनुसार यूपी बोर्ड की कक्षा नौ से 12वीं तक की एनसीईआरटी किताबों की टेंडर प्रक्रिया हो रही है, लेकिन अभी तक प्रकाशन निर्धारित नहीं किया गया है। जिसके चलते कक्षा नौ से 12वीं तक की एनसीईआरटी किताबों को दुकानदारों तक पहुंचने में जुलाई तक का समय लग सकता है। वहीं शिक्षकों का भी कहना है कि नया सत्र अप्रैल से शुरू तो हो जाता है। लेकिन हर बार किताबें जुलाई तक ही पहुंच पाती है। विभाग को इस बार और देर होने की उम्मीद है।
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जल्द उपलब्ध हाेंगी किताबें
एनसीईआरटी की किताबों की आपूर्ति किए जाने की प्रक्रिया विभाग में चल रही है। जल्द ही बाजार में उपलब्ध हो जाएगी। पढ़ाई की व्यवस्था बनाने के निर्देश प्रधानाध्याकों को दिया गया है।
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मृदुला आनंद, डीआईओएस