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Balrampur News: 31 जुलाई तक पूरे होंगे विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य
Sat, 13 Jun 2026 10:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 13 Jun 2026 10:53 PM IST
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फोटो-22-बलरामपुर के मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में पौधरोपण करते ओएसडी पंकज एल. जानी व अन्य।-स्
बलरामपुर। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय से संबद्ध राजकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। शनिवार को एमएलके पीजी कॉलेज के पुस्तकालय सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित हुआ। बैठक में कुलाधिपति एवं राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) पंकज एल. जानी ने विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी निर्माण कार्य 31 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन भवनों, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, वॉशिंग एरिया समेत विभिन्न आधारभूत सुविधाओं की प्रगति का आकलन किया गया। ओएसडी ने संबंधित अधिकारियों से समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण कराने को कहा ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने महाविद्यालयों के प्राचार्यों से संस्थागत उपलब्धियों, नवाचारों, एनआईआरएफ रैंकिंग, नैक प्रत्यायन, शोध कार्यों, पुस्तकालय व्यवस्था और छात्र सहभागिता से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों का प्रमुख उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है और सभी गतिविधियां इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर संचालित की जानी चाहिए। ओएसडी ने संसाधन सृजन पर विशेष ध्यान देने, उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने तथा इन्फ्लिबनेट जैसी डिजिटल सुविधाओं का अधिकतम लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुस्तकालयों को और समृद्ध बनाने, खेलो इंडिया जैसी योजनाओं में छात्र-छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने और संस्थागत अभिलेखों को सुरक्षित रखने पर भी बल दिया। बैठक में छात्राओं की सुरक्षा और सहायता को लेकर भी चर्चा हुई। ओएसडी ने पॉक्सो अधिनियम के तहत आवश्यक परामर्श एवं सहयोग उपलब्ध कराने तथा विभिन्न विषयों में विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया। कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने सभी प्राचार्यों और अधिकारियों से संस्थागत गुणवत्ता, शैक्षिक उत्कृष्टता तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
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बैठक में विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन भवनों, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, वॉशिंग एरिया समेत विभिन्न आधारभूत सुविधाओं की प्रगति का आकलन किया गया। ओएसडी ने संबंधित अधिकारियों से समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण कराने को कहा ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने महाविद्यालयों के प्राचार्यों से संस्थागत उपलब्धियों, नवाचारों, एनआईआरएफ रैंकिंग, नैक प्रत्यायन, शोध कार्यों, पुस्तकालय व्यवस्था और छात्र सहभागिता से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों का प्रमुख उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है और सभी गतिविधियां इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर संचालित की जानी चाहिए। ओएसडी ने संसाधन सृजन पर विशेष ध्यान देने, उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने तथा इन्फ्लिबनेट जैसी डिजिटल सुविधाओं का अधिकतम लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुस्तकालयों को और समृद्ध बनाने, खेलो इंडिया जैसी योजनाओं में छात्र-छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने और संस्थागत अभिलेखों को सुरक्षित रखने पर भी बल दिया। बैठक में छात्राओं की सुरक्षा और सहायता को लेकर भी चर्चा हुई। ओएसडी ने पॉक्सो अधिनियम के तहत आवश्यक परामर्श एवं सहयोग उपलब्ध कराने तथा विभिन्न विषयों में विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया। कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने सभी प्राचार्यों और अधिकारियों से संस्थागत गुणवत्ता, शैक्षिक उत्कृष्टता तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
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