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Balrampur News: अनियंत्रित सफारी पोखरे में गिरी, युवक की मौत
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-बलरामपुर के मथुरा बिलासपुर गांव के पास पोखरे में गिरी गाड़ी ।-संवाद
गौरा चौराहा। मथुरा बिलासपुर गांव के पास मंगलवार देर रात करीब 10.30 बजे अनियंत्रित टाटा सफरी सड़क किनारे पोखरे में गिर गई है। हादसे में युवक की मौत हो गई, वहीं साथ बैठे ग्रामीण को भी चोटें आईं हैं। दोनों बरात में शामिल होने के लिए निकले थे।
मथुरा बिलासपुर निवासी मोहन यादव (20) अपने गांव के ही शंकर वर्मा (55) के साथ टाटा सफारी से वीरपुर एक बरात में शामिल होने के लिए निकले थे। गाड़ी मोहन चला रहे थे। भोजपुर पहुंचने पर बरात जाने में विलंब होता देख दोनों वापस घर लौटने लगे। बताया जाता है कि बिस्कोहर-बेलहा राजमार्ग पर मथुरा बिलासपुर के पास अचानक गाड़ी अनियंत्रित हो गई। सफारी सड़क किनारे स्थित गहरे पोखरे में जा गिरी। वाहन पानी में डूबने लगा और कुछ ही क्षणों में उसमें पानी भर गया।
आसपास मौजूद लोग शोर सुनकर मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीणों की मदद से शंकर वर्मा को किसी तरह वाहन से बाहर निकाला गया। उन्हें हल्की चोटें आईं। इसके बाद वाहन को ट्रैक्टर से खींचकर पोखरे से बाहर निकाला गया। हालांकि तक तब मोहन यादव की मौत हो चुकी थी। प्रभारी निरीक्षक हरीश सिंह ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और विधिक कार्रवाई की जा रही है। युवक की असमय मृत्यु से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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चार भाई में सबसे छोटे थे मोहन
मृतक मोहन चार भाइयों में सबसे छोटे थे। तीन भाई रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते थे। उनके पिता चिनकन यादव ने बताया कि मोहन घर पर ही साथ में रहते थे। उन्हें गाड़ी लेकर दी थी कि कुछ आमदनी भी कर सकें। कभी-कभार बुकिंग भी मिल जाती थी।मां दुरपाती ने भी बताया कि अभी बेटे की शादी नहीं हुई थी। बेटे की मौत से मां-पिता गहरे सदमे में हैं।
न संकेतक और न ही है कोई घेराबंदी
हादसे के बाद कारणों और सड़क सुरक्षा उपायों पर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस ने संभावित कारणों में तेज रफ्तार, सड़क का संकरा या फिसलन भरा होना बताया है, जबकि मोड़ पर संकेतक नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर सड़क किनारे गहरे गड्ढे या जलभराव वाले पोखरे बिना पर्याप्त सुरक्षा घेराबंदी के मौजूद हैं, जो दुर्घटना का जोखिम बढ़ा रहे हैं। क्षेत्र की ललिता सिंह ने मांग की कि सड़क किनारे स्थित गहरे पोखरों के पास मजबूत बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर लगाए जाएं। निरीक्षक ने बताया कि सुरक्षा के इंतजाम के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पंचायत को इसके लिए सुझाव दिया जाएगा।
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मथुरा बिलासपुर निवासी मोहन यादव (20) अपने गांव के ही शंकर वर्मा (55) के साथ टाटा सफारी से वीरपुर एक बरात में शामिल होने के लिए निकले थे। गाड़ी मोहन चला रहे थे। भोजपुर पहुंचने पर बरात जाने में विलंब होता देख दोनों वापस घर लौटने लगे। बताया जाता है कि बिस्कोहर-बेलहा राजमार्ग पर मथुरा बिलासपुर के पास अचानक गाड़ी अनियंत्रित हो गई। सफारी सड़क किनारे स्थित गहरे पोखरे में जा गिरी। वाहन पानी में डूबने लगा और कुछ ही क्षणों में उसमें पानी भर गया।
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आसपास मौजूद लोग शोर सुनकर मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीणों की मदद से शंकर वर्मा को किसी तरह वाहन से बाहर निकाला गया। उन्हें हल्की चोटें आईं। इसके बाद वाहन को ट्रैक्टर से खींचकर पोखरे से बाहर निकाला गया। हालांकि तक तब मोहन यादव की मौत हो चुकी थी। प्रभारी निरीक्षक हरीश सिंह ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और विधिक कार्रवाई की जा रही है। युवक की असमय मृत्यु से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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चार भाई में सबसे छोटे थे मोहन
मृतक मोहन चार भाइयों में सबसे छोटे थे। तीन भाई रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते थे। उनके पिता चिनकन यादव ने बताया कि मोहन घर पर ही साथ में रहते थे। उन्हें गाड़ी लेकर दी थी कि कुछ आमदनी भी कर सकें। कभी-कभार बुकिंग भी मिल जाती थी।मां दुरपाती ने भी बताया कि अभी बेटे की शादी नहीं हुई थी। बेटे की मौत से मां-पिता गहरे सदमे में हैं।
न संकेतक और न ही है कोई घेराबंदी
हादसे के बाद कारणों और सड़क सुरक्षा उपायों पर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस ने संभावित कारणों में तेज रफ्तार, सड़क का संकरा या फिसलन भरा होना बताया है, जबकि मोड़ पर संकेतक नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर सड़क किनारे गहरे गड्ढे या जलभराव वाले पोखरे बिना पर्याप्त सुरक्षा घेराबंदी के मौजूद हैं, जो दुर्घटना का जोखिम बढ़ा रहे हैं। क्षेत्र की ललिता सिंह ने मांग की कि सड़क किनारे स्थित गहरे पोखरों के पास मजबूत बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर लगाए जाएं। निरीक्षक ने बताया कि सुरक्षा के इंतजाम के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पंचायत को इसके लिए सुझाव दिया जाएगा।