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महंगाई के चलते नहीं जल रहे उज्जवला योजना के चूल्हे
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बलरामपुर। महंगाई के चलते उज्जवला योजना के चूल्हे नहीं जल रहे हैं। सरकार चाहे जितना भी दावा कर अपनी पीठ थपथपाए लेकिन धरातल पर वास्तव में हकीकत कुछ और ही बयां करती है।
सरकार की तरफ से जिले के 1.90 लाख गरीबों को उज्जवला योजना से मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन दिए गए थे। गरीब परिवार की गृहणियों को चूल्हे के धुएं से बचाने और पर्यावरण को संतुलित करने के लिए रसोई गैस कनेक्शन दिए गए थे लेकिन गृहणियों का कहना है कि 954 रुपये में गैस सिलेंडर मिलने से चूल्हे जलाने की मजबूरी है।
उज्जवला योजना के लाभार्थी कुमुद सिंह, ननका, सरस्वती, उर्मिला, सुनीता, अफसर जहां, शाहजहां व विमला आदि ने बताया कि रसोई गैस सिलेंडर 954 रुपये में भरवाना पड़ रहा है। महंगाई के चलते रसोई गैस सिलेंडर को भरवाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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गरीबी व लाचारी के चलते मजबूरी में धुएं वाले चूल्हे पर भोजन बनाना पड़ रहा है। सरकार की तरफ से जब मुफ्त में रसोई गैस कनेक्शन दिया गया था तो उस समय परिवार के लोग खुश थे। तुलसीपुर ब्लॉक के उदईपुर की राबिया ने बताया कि उज्जवला योजना के तहत दो माह पहले रसोई गैस कनेक्शन दिया गया था।
महंगाई के चलते अब लगता है कि दोबारा गैस सिलेंडर भरवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। गैस एजेंसी कौवापुर के प्रबंधक डॉ. जकरिया ने बताया कि उनके यहां उज्जवला योजना के सात हजार लाभार्थी हैं जिसमें से करीब 30 प्रतिशत लोग गैस सिलेंडर रीफिल नहीं करा रहे हैं।
भारत गैस एजेंसी संचालक प्रशांत सिंह ने बताया कि उनके यहां करीब आठ हजार उज्जवला योजना के लाभार्थी हैं जिसमें से 30 प्रतिशत से कम लोग ही गैस सिलेंडर रीफिल करा रहे हैं।
सरकार की तरफ से उज्जवला योजना के तहत चार हजार रुपये वाले कनेक्शन को मुफ्त में दिया गया है जिसमें एक भरा हुआ गैस सिलेंडर, चूल्हा, पाइप व रेगुलेटर शामिल है। पूर्ति निरीक्षक इंद्रभान वर्मा ने बताया कि जिले के एक लाख 90 हजार गरीबों को उज्जवला योजना के तहत मुफ्त में रसोई गैस कनेक्शन बांटे गए थे।
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सरकार की तरफ से जिले के 1.90 लाख गरीबों को उज्जवला योजना से मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन दिए गए थे। गरीब परिवार की गृहणियों को चूल्हे के धुएं से बचाने और पर्यावरण को संतुलित करने के लिए रसोई गैस कनेक्शन दिए गए थे लेकिन गृहणियों का कहना है कि 954 रुपये में गैस सिलेंडर मिलने से चूल्हे जलाने की मजबूरी है।
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उज्जवला योजना के लाभार्थी कुमुद सिंह, ननका, सरस्वती, उर्मिला, सुनीता, अफसर जहां, शाहजहां व विमला आदि ने बताया कि रसोई गैस सिलेंडर 954 रुपये में भरवाना पड़ रहा है। महंगाई के चलते रसोई गैस सिलेंडर को भरवाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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गरीबी व लाचारी के चलते मजबूरी में धुएं वाले चूल्हे पर भोजन बनाना पड़ रहा है। सरकार की तरफ से जब मुफ्त में रसोई गैस कनेक्शन दिया गया था तो उस समय परिवार के लोग खुश थे। तुलसीपुर ब्लॉक के उदईपुर की राबिया ने बताया कि उज्जवला योजना के तहत दो माह पहले रसोई गैस कनेक्शन दिया गया था।
महंगाई के चलते अब लगता है कि दोबारा गैस सिलेंडर भरवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। गैस एजेंसी कौवापुर के प्रबंधक डॉ. जकरिया ने बताया कि उनके यहां उज्जवला योजना के सात हजार लाभार्थी हैं जिसमें से करीब 30 प्रतिशत लोग गैस सिलेंडर रीफिल नहीं करा रहे हैं।
भारत गैस एजेंसी संचालक प्रशांत सिंह ने बताया कि उनके यहां करीब आठ हजार उज्जवला योजना के लाभार्थी हैं जिसमें से 30 प्रतिशत से कम लोग ही गैस सिलेंडर रीफिल करा रहे हैं।
सरकार की तरफ से उज्जवला योजना के तहत चार हजार रुपये वाले कनेक्शन को मुफ्त में दिया गया है जिसमें एक भरा हुआ गैस सिलेंडर, चूल्हा, पाइप व रेगुलेटर शामिल है। पूर्ति निरीक्षक इंद्रभान वर्मा ने बताया कि जिले के एक लाख 90 हजार गरीबों को उज्जवला योजना के तहत मुफ्त में रसोई गैस कनेक्शन बांटे गए थे।